हरदिल अजीज होने के बावजूद हो गयी पूर्व मुखिया की हत्या, जानिए मर्डर की इनसाइड स्टोरी

हरदिल अजीज होने के बावजूद हो गयी पूर्व मुखिया की हत्या, जानिए मर्डर की इनसाइड स्टोरी

JAMUI : चंद्रदीप थाना क्षेत्र के नोनी गांव में कोल्हाना पंचायत के 45 वर्षीय पूर्व मुखिया निरंजन सिंह मंगलवार की सुबह  लगभग 8 बजे  गांव के गली में घेरकर अपराधियो ने गोली मारकर हत्या कर दी. इस अप्रत्याशित घटना से सभी लोग हतप्रभ है. परिजनों द्वारा बताया गया कि पूर्व  मुखिया निरंजन सिंह सुबह में चाय पीकर मॉर्निंग वाक पर निकले थे. सभी ग्रामीणों से मिलते हुए  अपने घर वापस आ  रहे थे. तभी पूर्व से घात लगाए अपराधियो ने मुखिया निरंजन पर पीछे से फायरिंग कर दिया. मुखिया जब भागने लगा तो सामने से आकर एक अपराधी ने रायफल से एक गोली सीने में मार दिया. जिससे वे घटनास्थल पर गिर गए. ग्रामीणों के सहयोग से उन्हें इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, जहा रास्ते मे उनकी मौत हो गई. मृतक की पत्नी  रूबी देवी ने बताया कि इस घटना को गांव के शम्भु सिंह,चन्दन सिंह तथा जिलापरिषद  निक्की देवी के आदमियों द्वारा अंजाम दिया गया है. घटना की सूचना मिलते ही  जमुई एस डी पी ओ डॉ0 विनोद कुमार, जमुई थानाध्यक्ष चन्दन कुमार, चंद्रदीप थानाध्यक्ष विजय कुमार,सिकन्दरा थानाध्यक्ष ,पुलिस निरीक्षक नीरज कुमार सहित कई पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुचकर मामले की छानबीन में जुट गए. मौके पर से तीन जिंदा कारतूस व कई खोखा बरामद किया गया. इस घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है. इसको लेकर विधि व्यवस्था बनाये रखने को लेकर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. इस सम्बंध में एस डी पी ओ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि आपसी  रंजिस में हत्या की गई है. अपराधियो की पहचान कर ली गई है उसे शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. 

हर दिल अजीज थे पूर्व मुखिया

 ज्यादा विनम्रता और सहनशीलता ही पूर्व मुखिया के लिए काल बन गया. उन्होंने सपनो में भी नही सोचा होगा कि हमारे साथ भी ऐसी घटना हो सकती है. वो बार-बार कहा करते थे कि रहना है दोनो को एक ही जगह ,कुछ विवाद हो सकता है. उसे सुलझा लिया जाएगा. कई बार ऐसा भी हुआ. दोनो में समझौता भी हुआ और निश्छल मुखिया जी दुश्मन को दोस्त समझ बैठे. उनकी भूल उनको काल के गाल में समा कर ले गया. आरोपी शम्भु सिंह के घर पर कुछ दिन पूर्व ही अपराधी ठहरा हुआ था. उसके दलान पर मुर्गा खाया हुआ पत्तल,  खाली शराब की बोतल ,प्याज सिगरेट, गुटका आदि पुलिस को मिला. जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि अपराधी कई दिन से मुखिया का रेकी कर रहा था. शम्भु सिंह भी कुछ दिन पूर्व अपने परिवार को यहां से हटा दिया था,लेकिन इस बात की भनक किसी भी ग्रामीण या मुखिया जी को नही लगा. कुछ प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि अपराधियों की संख्या लगभग आठ थी, जो सभी कम उम्र के दिखाई दे रहे थे. मुखिया का शम्भु सिंह के साथ हमेशा छोटी-मोटी बातों को लेकर भी  विवाद होते रहता था. 

सबके बीचे में  छोड़कर चल गइले राजा जी

पूर्व मुखिया निरंजन सिंह की इस तरह बेरहमी से की हत्या से क्षेत्र के लोग मर्माहत है. पत्नी रूबी देवी एवं अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. रूबी देवी के करुण क्रंदन से पूरा  माहौल गमगीन है. हर लोगो के आँखों मे आंसू ही आंसू है. नोनी गांव के राजेन्द्र सिंह के दो पुत्रो में निरंजन सिंह बड़े थे. उन्होंने कोल्हाना पंचायत का तीन बार प्रतिनिधित्व किया. दो पुत्रो में बड़े पुत्र गुलशन कुमार दिल्ली में रहकर पी एस सी की तैयारी कर रहा है. जबकि छोटा पुत्र छोटू पटना में बी ए का छात्र, वही पुत्री निशु रांची में नौकरी कर रही है. अभी तक किसी भी बच्चे का शादी विवाह नही हुआ है, बीच मे ही मुखिया की हत्या होने से सभी बीच राह में ही भटक गए. बड़ा बेटा गुलशन अपनी शिक्षिका मा को बार बार ढाढस बंधा रहा था. रूबी देवी बार-बार बेहोश हो जा रही थी, उसने पुलिस की मिलीभगत से हत्या की बात बताई. 

  परिजन का आरोप

मृतक मुखिया निरंजन सिंह की लाश से लिपट कर रोते निरंजन की पत्नी रूबी देवी ने बताया कि पुलिस की मिलीभगत से मेरे पति की हत्या की गई है. इस हत्या में चंद्रदीप थाना में कार्यरत सहायक अवर निरीक्षक अजय कुमार साहनी का भी हाथ  है. उसी के प्रश्रय से  शम्भु सिंह तीन दिनों से अपराधी को अपने दलान में रखे हुए था. जब हम इज़की शिकायत करते तो मेरे परिजन के साथ हमेशा गाली गलौज करता. मेरे देवर अविनाश कुमार, धर्मराज कुमार के साथ गाली गलौज करते हुए केस में फसा देने की धमकी देता. इस घटना की सूचना देने के बाद एक घण्टे बाद पुलिस पहुची. यदि हत्यारा को पुलिस पकड़ना चाहती तो वह पकड़ सकता था. लेकिन उसे भगाने में पुलिस ने मदद किया. अजय साहनी भ्रष्ट और घूसखोर है, केस के नाम पर अवैध वसुली और नही देने के कारण ही हमारे परिवार का दुश्मन बन बैठा था. 

पूर्व में भी नोनी गांव में हो चुकी है कई हत्या

 हत्या कर पर्दे के पीछे से खेल खेलने का दौर नोनी गांव में कई वर्षों से जारी है. हत्या कर  दूसरे को फंसा देना यहां का दस्तूर सा बन गया है.अब तक वहां लगभग चार हत्याएं हो चुकी है. जिसमे हर बार मुखिया को टारगेट किया जाता है. हालाँकि जांच के बाद असलियत सामने आ ही जाती है. आखिर ऐसा क्यों होता है. इस गांव में मुखिया चुनाव के दौरान 2011 में गोली लगने से एक महिला की मौत हो गई थी.जबकि 2011 में ही मुखिया पद जीतकर निरंजन सिंह घर आ रहे थे. बारे गांव में एक महिला की हत्या कर दिया और मुखिया पर मामला दर्ज हो गया. जबकि जो प्रय्याशी जीत गया. उसकी हत्या क्यो किया जाएगा, 26 जनवरी 2017 को नोनी गांव के वृंदावन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दिया गया. हत्या कोई करे दुश्मन को फंसा  कर बदला लेना या समझौते के नाम पर मनमाना रकम मांग कर समझौता करना यहां का वसूल बन गया है. शम्भु सिंह और निरंजन मुखिया में यही चूहे और  बिल्ली का खेल जारी था. 

जमुई से राकेश कुमार की रिपोर्ट

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