राजेंद्र बाबू की धरती जीरादेई पर लोजपा प्रत्य़ाशी विनोद तिवारी ने किया जंग का ऐलान- जदयू और भाकपा माले के किला को करेंगे नेस्तनाबुद

राजेंद्र बाबू की धरती जीरादेई पर लोजपा प्रत्य़ाशी विनोद तिवारी ने किया जंग का ऐलान- जदयू और भाकपा माले के किला को करेंगे नेस्तनाबुद

PATNA: पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की जन्मभूमि है जीरादेई या यूं कहें कि सिवान किसके नाम से जाना जाता है तो यकीनन आपका ही नहीं हर किसी का जवाब डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ही होगा।  डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद न सिर्फ देश के प्रथम राष्ट्रपति थे बल्कि सिवान के जीरादेई में उनकी जन्मभूमि भी है।  लेकिन बिहार में जब भी चुनाव की घड़ी आती है। 

जीरादेई इस खास अतीत के अलावा सियासी उठापटक के लिए भी जाना जाता है। ये वही इलाका है, जहां से सिवान के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन पहली बार विधायक बने थे और इसके बाद सियासी साये में आतंक के कारनामों को अंजाम दिया था।  जीरादेई का भूगोल तब बदल गया जब मैरवा विधानसभा का हिस्सा इससे जुड़ गया।  


वर्तमान में इस विधानसभा से जेडीयू के रमेश सिंह कुशवाहा विधायक हैं। लंबे समय से रमेश कुशवाहा भाकपा माले से जुड़े रहे हैं। यही वजह है कि कुशवाहा को माले कार्यकर्ताओं का समर्थन भी मिलता है। जीरादेई विधानसभा में पड़ने वाले नौतन और मैरवा प्रखंड में माले की अच्छी खासी पकड़ भी है। वैसे तो जीरादेई सीट पर अलग अलग राजनीतिक पार्टियों से उम्मीदवारी का दावा करने वालों की एक लंबी लिस्ट है।  

लेकिन रमेश कुशवाहा के किले को भेदने के लिए एनडीए ने जदयू कोटे से श्रीमति कमला कुशवाहा को मैदान में उतारा है। वहीं दूसरी तरफ लोजपा ने टिकट देकर मामले को दिलचस्प और त्रिकोणीय बना दिया है। लोजपा प्रत्याशई विनोद तिवारी ने न्यूज फार नेशन से खासबातचीत में दावा किया है कि राजेंद्र बाबू की इस धरती को जो पहचान मिलने वाली थी वो नहीं मिली। उस गौरव को वापस लाना है। 

भाजपा से अलग होकर लोजपा में शामिल होकर टिकट पाने वाले विनोद तिवारी ने कहा कि लोजपा ही भाजपा है भाजपा ही लोजपा है। विनोद तिवारी मानते हैं कि भाकपा माले के किले को भेदना कठिन है। मगर जनता सीवान के जीरादेई में सुख शांत और समृद्धि चाहती है। युवाओ को रोजगार की जरूरत है। ऐसे में अमन चैन के लिए जनता का आशीर्वाद लेकर सदन जाकर जनता की आवाज बनुंगा।  

पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट।

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