रामानन्द कृत रामायण का प्रसारण फिर से होगा शुरू, 80 के दशक में प्रसारण के दौरान पूरे देश मे दिखता था लॉक डाउन सा नजारा

रामानन्द कृत रामायण का प्रसारण फिर से होगा शुरू, 80 के दशक में प्रसारण के दौरान पूरे देश मे दिखता था लॉक डाउन सा नजारा

News4nation desk : कोरोनावायरस को लेकर पूरे देश में लॉक डाउन है। लॉक डाउन की वजह से लोग घरों में कैद हैं शहर की सड़कें वीरान है एवं गलियों में सन्नाटा पसरा है घर घरों के अंदर कैद लोगों के लिए एकमात्र सहारा टेलीविजन और उनका मोबाइल बचा है। 

इन परिस्थितियों में केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया है की 80 के दशक में प्रसारित होने वाले रामायण को फिर से प्रसारित किया जाए। अतः अब रामायण फिर से शुरू होगा।

कल से शुरू होगा रामानन्द कृत रामायण का प्रसारण

जी हां पूरे देश में 21 दिनों का लॉक डाउन जारी है ।कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव का कोई रास्ता न देख प्रधानमंत्री मोदी ने 23 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील की थी जो सफल रहा था। उसके बाद राज्यों के द्वारा लगाए गए लॉकडाउन को असरहीन होता देख प्रधानमंत्री ने पूरे देश में ही लॉकडाउन करने का निर्णय लिया। 

जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि लॉक डाउन में घरों से लोग नहीं निकलें। बहुत जरूरी काम के लिए ही घरों से बाहर आएं। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव का कोई दूसरा रास्ता नहीं है ।हर हाल में इसके चेन को तोड़ना होगा।

इन परिस्थितियों में कहा गया है कि लोग अपने घरों में रहें। केंद्र सरकार के सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर बताया है घरों में कैद जनता ने एक बार फिर से रामायण के प्रसारण शुरू करने की मांग की है ।इसे देखते हुए 28 मार्च से एक बार फिर रामायण का प्रसारण शुरू किया जा रहा है।

80 के दशक के जब शुरू होता था रामायण यो दिखता था लॉकडाउन से नजारा

गौरतलब है की 80 के दशक में जब रामानंद कृत रामायण का प्रसारण दिन के 10:00 बजे रविवार को शुरू होता था तो पूरे शहर और गांव में लखनऊ का नजारा होता था ।लोग अपने-अपने घरों में टीवी सेट के सामने चिपक जाते थे। 

इतना ही नहीं पूरे सप्ताह भर लोगों को रामायण के प्रसारण का इंतजार होता था ।खासकर रविवार को 10  बजने से आधा घंटा पहले ही टीवी वाले घरों में बैठने के लिए होड़ मची रहती थी ।और पूरे शहर में लॉकडाउन का नजारा दिखता था। गौरतलब है की 80 के दशक में दिखने वाला रामायण का प्रसारण काफी जीवंत दिखता था जिसमें राम की भूमिका में अरुण गोविल थे।

रामानन्द कृत रामायण के सभी दृश्य काफी जीवंत महसूस होते थे। बनावटीपन से दूर इस धारावाहिक ने सफलता के नए सोपान गढ़े थे।

विवेकानंद की रिपोर्ट

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