मोकामा का रण! BJP ने 'अनंत' के कोर वोटरों में लगा दी सेंध,'विजय सिन्हा' ने गांव-ससुराल दोनों जगह दिलाई बढ़त

मोकामा का रण! BJP ने 'अनंत' के कोर वोटरों में लगा दी सेंध,'विजय सिन्हा' ने गांव-ससुराल दोनों जगह दिलाई बढ़त

PATNA: बिहार में विधानसभा की दो सीटों पर हुए उप चुनाव में राजद और बीजेपी ने एक-एक सीट जीतकर अपनी प्रतिष्ठा बचा ली. मोकामा की लड़ाई काफी दिलचस्प रही. भारतीय जनता पार्टी 27 सालों बाद पहली दफे अपना उम्मीदवार दी थी.नीतीश कुमार के साथ गठबंधऩ में मोकामा सीट हर दफे जेडीयू के खाते में ही जाती थी. लेकिन इस बार के उप चुनाव में जेडीयू राजद के साथ है. लिहाजा बीजेपी ने अपना दमदार उम्मीदवार दिया. अपने उम्मीदवार सोनम देवी को जीताने के लिए बिहार बीजेपी के बड़े नेताओं ने पूरी ताकत लगा दी। नेता विरोधी दल विजय कुमार सिन्हा के लिए मोकामा चुनाव प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई थी. क्यों कि इनका गांव व ससुराल दोनों मोकामा क्षेत्र में ही है। वैसे तो विजय सिन्हा लगातार मोकामा क्षेत्र में ही प्रचार करते रहे. भाजपा नेताओं की मिहनत का ही नतीजा रहा कि उम्मीदवार को 63 हजार मत मिले. विस में विरोधी दल के नेता विजय सिन्हा अग्नि परीक्षा में कहीं न कहीं सफल साबित हुए हैं. 

अनंत के वोटरों में बीजेपी ने लगाई सेंध 

मोकामा विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी ने अनंत सिंह के वोटरों में सेंध लगाने की पूरी कोशिश की और उसमें सफल भी हुई. भूमिहार बहुल मोकामा सीट पर इस बार बीजेपी ने भूमिहारों वोटरों में सेंध लगा दी. रिजल्ट के बाद यह बात सामने आई है कि भूमिहारों वोटर बड़ी संख्या में बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में वोट किया है. यही वोटर 2020 चुनाव तक अऩंत सिंह के लिए वोट करते आये थे. लेकिन इस बार बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में वोट किया. 2015 के विस चुनाव जब जेडीयू से नीरज कुमार उम्मीदवार थे, तब भी ये लोग(भूमिहार) अनंत सिंह के पक्ष में ही मतदान किये थे. 2020 में जब बीजेपी-जेडीयू के संयुक्त उम्मीदवार राजीव लोचन थे तब भी अधिकांश भूमिहारों ने अऩंत सिंह को ही पसंद किया था. इस बार अतिपिछड़ा (धानुक) वोटरों में भी भाजपा ने सेंध लगा दी है। 

विजय सिन्हा ने बचाई प्रतिष्ठा 

बात, नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा की कर लेते हैं. नेता प्रतिपक्ष के लिए मोकामा सीट प्रतिष्ठा की सीट बन गई थी. क्यों कि इनका घऱ और ससुराल दोनों मोकामा क्षेत्र में है। बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में मतदाताओं को गोलबंद करने को लेकर विजय सिन्हा ने खूब पसीना बहाया। विजय सिन्हा के अलावे भाजपा के कई अन्य नेताओं ने भी दिन-रात एक कर दिया. पूर्व सांसद सूरजभान सिंह, बीजेपी प्रत्याशी सोनम देवी के पति ललन सिंह, लल्लू मुखिया ने अपनी पूरी ताकत लगा दी. तब जाकर वोट 63 हजार तक पहुंचा. विजय सिन्हा ने अपनी प्रतिष्ठा बचाते हुए ससुराल और गांव दोनों जगह बीजेपी प्रत्याशी को बढ़त ले ली. विजय सिन्हा के ससुराल के बूथ संख्या 153 पर राजद को 200 मत मिले,जबकि बीजेपी प्रत्याशी को 396 मत मिले. वहीं ससुराल के ही एक और बूथ 154 पर राजद को 174 और बीजेपी को 570 मत मिले. नेता प्रतिपक्ष के गांव बादपुर में बूथ संख्या-227 पर राजद को 167 और बीजेपी को 283 मत मिले। वहीं गांव के ही दूसरे बूथ 228 पर राजद कैंडिडेट को 185 और बीजेपी को 273 मत मिले। इस तरह से गांव और ससुराल दोनों जगह भाजपा प्रत्याशी को बड़ी बढ़त मिली।


 नीतीश कुमार अब राजद के साथ 

2020 का विधानसभा चुनाव और 2022 के उप चुनाव में काफी अंतर रहा. इस बार नीतीश कुमार ने भाजपा का साथ छोड़ राजद से हाथ मिला लिये. यानि जो नीतीश कुमार 2020 के चुनाव में अनंत सिंह के खिलाफ चुनाव प्रचार किये. इस बार उनकी पार्टी जेडीयू ने अनंत सिंह को जीताने में अपनी ताकत झोंकी. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने भी मोकामा में जनसंपर्क किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी वीडियो जारी कर राजद प्रत्याशी नीलम देवी को जीताने की अपील की. हालांकि इस अपील का कितना असर हुआ यह तो रिजल्ट देखने से पता चल रहा है। 2020 के चुनाव में अनंत सिंह ने बिना जेडीयू के ही 78721 वोट लाये थे. इस बार जेडीयू के सहयोग से अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को 79744 मत मिले. अऩंत सिंह को नीतीश कुमार और ललन सिंह का साथ मिलने से कितना फायदा हुआ यह आप खुद समझिए।  

16741 मतों से जीतीं नीलम देवी 

मोकामा सीट से राजद प्रत्याशी नीलम देवी ने बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बीजेपी प्रत्याशी सोनम देवी को 16741 मतों से पराजित किया है। इस तरह से अनंत सिंह ने अपने गढ़ मोकामा को बचाए रखने में कामयाब हो गए हैं। राजद प्रत्याशी नीलम देवी को 79744 मत मिले। वहीं बीजेपी कैंडिडेट सोनम देवी को 63003 मत, उपेंद्र साहनी को 1709 मत, धीरज कुमार मालाकार को 529 मत, लालू प्रसाद यादव को 644 मत, सुनील कुमार को 1135 मत और नोटा में कुल 2470 मत गए हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद उम्मीदवार अनंत सिंह ने जदयू के राजीव लोचन नारायण सिंह (42964 वोट) को 35757 मतों से हराया था. इस प्रकार अनंत सिंह पांचवी बार मोकामा विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे.  

नीतीश कुमार पर हमला 

मोकामा में 63 हजार वोट हासिल होने और जेडीयू का राजद के साथ जाने के बाद भी तेजस्वी यादव को कोई फायदा नहीं मिलने से बिहार बीजेपी ने नीतीश कुमार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि इस चुनाव में नीतीश सरकार हार गई। जेडीयू का वोट कहीं नहीं दिखा. वहीं प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा की इन दोनों चुनावों ने साफ़ कर दिया है कि अब बिहार की राजनीति भाजपा बनाम राजद हो चुकी है। यानी केंद्र की तरह यहां भी अब राष्ट्रवाद बनाम परिवारवाद आमने-सामने आ चुका है। वहीं अवसरवाद की राजनीति करने वाले जदयू जैसे दल किनारे पर हमेशा की तरह बैसाखी पर लटके हुए हैं।


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