अंधविश्वास में धर्म परिवर्तन : चर्च में आने से बिगड़ी तबियत हो जाती है ठीक, पादरी ने कहा- कोई दबाव नहीं दिया जाता

अंधविश्वास में धर्म परिवर्तन : चर्च में आने से बिगड़ी तबियत हो जाती है ठीक, पादरी ने कहा- कोई दबाव नहीं दिया जाता

गया. जिला के बाराचट्टी प्रखंड अंतर्गत कहुदाग पंचायत के ग्राम प्रतापी के एक एक चर्च में बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन हो रहा है. कुछ दिन पहले गया और डोभी में मामला प्रकाश में आया कि हिन्दू धर्म को ईसाई धर्म में परिवर्तित करवाया जा रहा है, तब से विश्व हिन्दू परिषद द्वारा इस पर रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है.

बातचीत के दौरान लोगों ने बताया कि किसी व्यक्ति की अगर तबियत बिगड़ती है तो पिता परमेश्वर की पूजा करने से ठीक हो जाता है, यानी कि जो चर्च गया उसका सारा रोग मुक्त हो गया. गौरतलब है कि अंध विश्वास में लोग इतने संलिप्त हो गए है कि अपने हिन्दू धर्म मानने को तैयार नहीं है. बता दें कि लोगों को सप्ताह में एक दिन स्थानीय चर्च में जाना होता है और प्रार्थना करवाया जाता है.

चर्च में मौजूद पादरी आनंद मशीह जो कि बेतिया के रहने वाले हैं. अभी वर्तमान में अपने पूरे परिवार के साथ प्रतापी में लगभग 15 वर्षों से रह रहे हैं और प्रत्येक रविवार को चर्च में जाकर प्रार्थना कर आते हैं. उनका कहना है कि चर्च में वे लोग आते हैं जो शैतानी आत्मा से परेशान, थके हारे होते हैं. वहीं लोग यहां आते हैं, हमने किसी को दबाव देकर नहीं बुलाया और न ही कोई लालच दिया. वहां मौजूद कई महिलाओं एवं बच्चों से बात किया तो उन्होंने भी अंधविश्वास का हवाला देते हुए कहा कि जब से हमने चर्च में आना शुरू किया, तब से हमें कोई शैतानी आत्मा तंग नहीं करती है. सारी तकलीफे दूर हो गई.

हिन्दू धर्म से ईसाई धर्म अपनाने वालो में सबसे ज्यादा गरीब परिवार से आने वाले लोग है. अगर जाती की बात करे तो सबसे ज्यादा मांझी समाज के लोग होते हैं. समाज के कुछ महिलाओं से पत्रकार के द्वारा धर्म परिवर्तन के बारे में पूछा गया तो लगभग सबका जवाब यही था कि पहले बीमारी से पीड़ित थे. ईसाई धर्म अपनाते ही सब सही हो गया. हालांकि विश्व हिंदू परिषद के लोगों के पास मामले की जानकारी है और लगातार समझाने की कोशिश किया की जा रही है.


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