मोतिहारी पहुंची राजद की टीम का आरोप - अंग्रेजों से अधिक अत्याचारी है नीतीश की पुलिस, हत्या की घटना के पहले पथराव का केस दर्जकर लोगों को बेहरमी से पीटा

मोतिहारी पहुंची राजद की टीम का आरोप - अंग्रेजों से अधिक अत्याचारी है नीतीश की पुलिस, हत्या की घटना के पहले पथराव का केस दर्जकर लोगों को बेहरमी से पीटा

MOTIHARI : मोतिहारी के हरसिद्धि  मतीयरिया  में 16 मार्च को दिनदहाड़े हुई पैक्स अध्यक्ष पवन गुप्ता हत्याकांड व पुलिस द्वारा निर्दोष लोगों व मृतक के परिजनों के साथ बर्बरतापूर्ण पिटाई की घटना को लेकर राजद की छह सदस्यीय टीम प्रभावित गांव पहुंची। जहां उन्होंने पैक्स अध्यक्ष की परिवार सहित गांववालों से मुलाकात की।। पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड से लेकर पुलिस के द्वारा की आमलोगों के साथ कि गई कार्रवाई की बात सुनकर राजद नेत्री सह प्रवक्ता रितु जयसवाल भावुक हो गई । उन्होंने  कहा कि घटना के बारे में सुनने के बाद तो लगता है कि अंग्रेजों से अधिक अत्याचारी भाजपा -नीतीश की पुलिस है । पीड़ित परिवार व आमलोगों की व्यथा सुनने पर लगता है कि फ़िल्म के सीन को पुलिस ने हकीकत में बदल दिया है। 

रितू जायसवाल ने पवन के पत्नी से मिलकर  भावुक हो गई। जब पवन की पत्नी किरण देवी ने अपनी पति पवन के हत्या की कहानी बताई। साथ में पुलिस प्रशासन के द्वारा किए गए घोर अत्याचार से अवगत कराया, जिसे सुनने के बाद सभी के रौंगटे खड़े हो गए। रितू ने इस घटना को जालियांवाला बाग का नाम दिया गया है।  रितू जायसवाल ने बताया कि यह घटना रियल पिक्चर की तरह लग रहा ,वहीं  रणविजय साहू ने बताया कि पूरे मामले पर सीबीआई जांच हो क्योंकि पुलिस द्वारा किए गए बर्बरता से लग रहा है कि कहीं ना कहीं सरकार का संरक्षण प्राप्त है। इसलिए अपराधियों के पकड़ने के जगह निर्दोष लोगों पर लाठीचार्ज कर जेल में बंद किया गया है। इतना जुर्म तो अंग्रेज भी नहीं किये थे।


दस साल पहले मरे हुए लोगों को भी बना दिया अभियुक्त 

वहीं परिजनों के द्वारा बताया गया कि हत्या का एफआईआर कांड सं 108/21 एवंम पुलिस द्वारा किए गए निर्दोष लोगों पर कांड सं 107/21 दर्ज होता  है। एक  व्यक्ति  जगलाल राम की मृत्यु आज से दस साल पहले हो चुकी है। एक महिला जिनकी उम्र 75साल है जिनसे चला नहीं जाता है। उनपर आरोप लगा कि उनके पत्थर से पुलिस के घायल हो गए। इस पूरी कार्रवाई को लेकर रितु जायसवाल ने कहा कि पुलिस ने कार्रवाई की अहम बात है कि पुलिस  जल्दबाजी में थी। जबकि पथराव की घटना पहले दर्ज कर पुलिस निर्दोष लोगों को बर्बरता से पीटकर जेल भेज देती है। मृतक के परिजनों व गांव के लोगों के शरीर पर चार माह बाद भी बने पिटाई के निशान बहुत कुछ बयां कर रहा है। राजद प्रवक्ता ने इस पूरे मामले को मानवाधिकार के सामने रखने की बात की। राजद टीम ने आरोप लगाया है कि यह सरकार पूरी तरह फेल है। इनसे रोजगार का कारखाना नहीं खुला लेकिन अपराधी का खजाना खुल गया है।

इससे पहले शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी  प्रसाद यादव के निर्देश पर छह सदस्यीय राजद विधायकगण का शिष्टमंडल पवन के परिजनों से मिला, शिष्टमंडल का नेतृत्व राजद प्रदेश प्रवक्ता रितु जायसवाल ने की, वहीं अध्यक्षता हरसिद्धि विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी नागेंद्र राम  उर्फ नागेंद्र बिहारी ने की है। नेतृत्व में रणविजय साहू  वैश्य समाज प्रदेश प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सह मोरवा विधायक , मंजू अग्रवाल सेरघाटी,विधायक संजय गुप्ता बेलखंड, राजेश गुप्ता सासाराम शामिल थे। मौके पर राजद के वरिष्ठ नेता शम्भू प्रसाद गुप्ता, प्रधान सचिव संतोष कुशवाहा ,जेपी यादव  मदन साह, अच्छेलाल यादव मुनचुन साह, पप्पू साहनी, संजय यादव ,निजाम अहमद खान ,बिरेंद्र कुमार, डा  शिव कुमार जयसवाल, मुन्ना कुमार गुप्ता, श्याम कुशवाहा,मनिष यादव, कैलाश सहनी,बच्चू यादव,अफजल खां , रविशंकर पासवान, गयासुद्दीन आलम मौजूद थे।

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