पेट्रोल पंप लूट कांड में फंस गया पेच : कंपनी का दावा बैग में थे 42 लाख, पुलिस ने बताया 32 लाख, कहां गए बाकी पैसे

पेट्रोल पंप लूट कांड में फंस गया पेच : कंपनी का दावा बैग में थे 42 लाख, पुलिस ने बताया 32 लाख, कहां गए बाकी पैसे

AURANGABAD : जिले के बारुण थाना क्षेत्र से हुए दिन दहाड़े लूट कांड में चोरी हुए पैसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस इस कामयाबी पर फूले नहीं समा रही  है। लेकिन, यह पूरी कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। यहां जिस कंपनी के पैसे चोरी हुए, उनका दावा है कि बैग में 42 लाख से अधिक की रकम थी, जबकि पुलिस का कहना है कि जब हमने बैग बरामद किया तो उसमें सिर्फ 32 लाख रुपए ही मिले हैं। अब सवाल यह है कि दोनों में किसकी बात सही है।

वहीं एक दूसरा विवाद भी इन पैसों को लेकर खड़ा हो गया है। जहां पुलिस का कहना है कि उक्त पैसे रेडियंट फायनांस कंपनी के हैं. वहीं दूसरी तरफ जिस पेट्रोल पंप से पैसे लूटने की बात कही जा रही है, उनका दावा है यह पैसे उनके हैं, जिसे उन्होंने फायनांस कंपनी को बैंक में जमा करने के लिए दिए थे। वहीं दूसरी तरफ पुलिस की तरफ अधिकारिक प्रेस नोट जारी पैसे फायनांस कंपनी की होने की बात कही गई है।

क्या थी पूरी घटना

सोमवार को तकरीबन साढ़े 11  बजे बारुण थाना क्षेत्र के एनएच दो पर रिलायंस पेट्रोल पम्प से  कैश लेकर रेडियंट कैश कम्पनी के कर्मी बैंक में जमा करने के लिए बोलेरो से डिहरी की तरफ निकले। लेकिन थोड़ी दूर जाने पर ही दो बाइक पर आए चार लुटेरों ने उनकी गाड़ी को रोक दिया और गोलीबारी करते हुए पैसों से भरा हुआ बैग छिन लिया और फरार हो गए। बताया गया कि बैग में लगभग 42 लाख रुपए थे। 

इस घटना के बाद पुलिस तत्काल हरकत में आई और नाकाबंदी कर दी। इसी  क्रम में जम्होर थाना क्षेत्र के मोर डिहरी के पास एक काले रंग की पल्सर बाइक पुलिस को देख  कर बाइक घुमाने लगा। पुलिस को शक हुआ और जम्होर थाने की पुलिस उस बाइक का पीछा करने लगी और कुछ दूर जाने के बाद बाइक पर बैठे अपराधी पीठ पर लिये थैले को फेंक दिया और फरार हो गए।

बैग में थे पूरे पैसे

जब पुलिस ने बैग खोला तो उसमें पैसे मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि जब पैसों की गिनती की गई तो वह सिर्फ 32 लाख निकले। अब सवाल यह है कि बाकि 10 लाख कहां गए। लुटेरों को पैसे गायब करने होते तो सिर्फ दस लाश क्यों गायब करते। वहीं दूसरी तरफ कंपनी की तरफ से भी यह बताया जा रहा है कि बैग में 42 लाख थे. जबकि पुलिस को पूरे नहीं मिले। पुलिस के अनुसार जब अपराधियो ने पुलिस के डर से बैग फेंका था तो बाकी के पैसे आखिर क्या हो गए । जाहिर है कि उन्हें पैसे निकालने का मौका नहीं मिला होगा।

पैसे किसके 

मामले में पुलिस कप्तान सुधीर कुमार पोरिका का कहना है कि यह पैसा रिलायन्स पेट्रोल पम्प के बगल में फाइनेंशियल कम्पनी की है जिसे लूटी गई थी मगर पीड़ित का कहना है कि मैं रिलायंस पेट्रोल पम्प से प्रति दिन कैस लेकर डेहरी बैंक के एकाउंट में डाल देता हूँ। ऐसे में पुलिस क्यों यह कह रही है पैसा रिलायंस पेट्रोल पंप का नहीं, बल्कि फायनांस कंपनी का है।


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