नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर बरसे ललन सिंह, कहा बिहार में संकट आने पर बिल में घुस जाते हैं

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर बरसे ललन सिंह, कहा बिहार में संकट आने पर बिल में घुस जाते हैं

PATNA : जदयू सांसद ललन सिंह ने एक बार फिर नेता प्रतिपक्षतेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा की जब भी बिहार पर संकट आता है, तो तेजस्वी बिल में घुस जाते हैं. उन्होंने कहा की इतिहास गवाह रहा है की तेजस्वी यादव ने कभी जनता के बीच मे रहकर सेवा नहीं की. नेता प्रतिपक्ष बिल में घुसकर सिर्फ बयानबाजी करते रहते हैं. 

तेजस्वी पर तंज कसते हुए ललन सिंह ने कहा की तेजस्वी कोई ज्ञानी पुरूष नहीं हैं. हाई स्कूल में भी उनका एडमिशन नहीं हुआ है. उन्होंने कहा की तेजस्वी यादव के बयान पर किसी तरह का नोटिस लेने की जरूरत नहीं है. वहीँ कोरोना महामारी को लेकर सांसद ललन सिंह ने सबसे वैक्सीन लेने की अपील की. कहा की केंद्र सरकार की घोषणा के बाद बिहार सरकार ने मुफ्त वैक्सीन लगाने का फैसला लिया. अब एक मई से 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन दी जाएगी. उन्होंने कहा की वैक्सीन लेनेवाले सिर्फ 3 फीसदी लोग हीं संक्रमित हुए. वैक्सीन संक्रमण को गंभीर होने से रोकने में कारगर है. 

वहीँ जदयू नेता ललन सिंह ने लोगों से मास्क लगाने की अपील की. उन्होंने कहा की हम हाथ जोड़कर लोगों से मास्क लगाने की अपील करते हैं. जरूरत होने पर हीं घर से बाहर निकलें,बिना जरूरत बाहर नहीं निकलना चाहिए. देहाती नुस्खा का प्रयोग करते रहना चाहिए, काढ़ा पीते रहिए. उन्होंने कहा की पूरी दुनिया मे इस बीमारी का इलाज नहीं सिर्फ बचाव है. अपना बचाव करते रहिए, अगर कोई पीड़ित लगता है, तो उसकी जांच जरूर कराइये.

उधर राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा है कि सांसद ललन सिंह जब खुद  बिल में से झांकेगें तो उन्हें सबकुछ बिल में हीं दिखाई देगा और जब बिल से बाहर निकल कर देखेंगे तो उन्हें हर ओर तेजस्वी हीं तेजस्वी नजर आयेंगे. हालांकि एनडीए के अधिकांश नेताओं को तो सपने में भी तेजस्वी हीं दिखाई देते हैं.  इसलिए खुद भी बिल से बाहर निकलें और मुख्यमंत्री सहित राज्य और केन्द्र सरकार के मंत्रियों सहित सभी सांसदों को बिल से बाहर निकालें तो निश्चित रूप से बिहार की बदहाल स्थिति में बदलाव देखने को मिलेगा. 

राजद प्रवक्ता ने कहा कि जदयू और भाजपा के नेता अपनी जितनी उर्जा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव की आलोचना करने में लगाते हैं. उतनी हीं उर्जा यदि केन्द्र सरकार पर दबाव बनाने में लगाते तो हरियाणा एवं भाजपा शासित अन्य राज्यों की तरह बिहार में भी डीआरडीओ द्वारा कोविड अस्पतालों का निर्माण हो गया रहता और राज्य में ऑक्सीजन एवं जीवन रक्षक दवाओं के अभाव में दम तोड़ने वालों की संख्या में इस कदर बढोतरी नहीं होता. राजद प्रवक्ता ने कहा कि जहाँ तक ज्ञान की बात है तो एनडीए में एक से एक डीग्रीधारी भरे हुए हैं पर उनका ज्ञान कहाँ चला जाता है. जब बिहार के बर्बादी और तबाही के बाद हीं उन्हें स्थिति की समझ हो पाती है. अथवा तेजस्वी यादव द्वारा स्थिति की भयावहता की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया जाता है. यैसे डिग्री का क्या अर्थ जिसे ज्ञान हीं नहीं हो. 


 

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