डॉन पप्पू देव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बिहार पुलिस का आपराधिक चेहरा आया सामने, पुलिस कस्टडी में गई थी जबरदस्त पिटाई...

 डॉन पप्पू देव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बिहार पुलिस का आपराधिक चेहरा आया सामने, पुलिस कस्टडी में गई थी जबरदस्त पिटाई...

SAHARSA : सरकार के अजीज़ आईपीएस अधिकारी लिपि सिंह कप्तानी वाले जिले सहरसा में पप्पू देव की पुलिस कस्टडी में हुई मौत सामान्य मौत नहीं थी. पप्पू देव का पोस्टमार्टम करने वाली मेडिकल टीम की रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा सामने आया. पप्पू देव के सिर पर गंभीर चोट के कारण ब्रेन के अंदर का नस फट गया जिसके कारण हार्ट फेल कर गया. पोस्टमार्टम की रिपोर्ट बताती है कि पूरे शरीर पर जख्म के 30 गंभीर निशान थे. सारे के सारे निशान किसी कठोर औऱ भोथरा (हार्ड एंड ब्लंट) वस्तु से मारे जाने के कारण बने थे.

आपको बताते चलें कि पूर्वांचल के कुख्यात पप्पू देव का पोस्टमार्टम सहरसा के तीन डॉक्टरों की टीम ने किया था. उस टीम ने अपनी रिपोर्ट दे दी है. पोस्टमांर्टम रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पप्पू देव की मौत का कारण सामान्य हार्ट अटैक नहीं है. पप्पू देव के ब्रेन की नस फट जाने के कारण सिर में पूरा खून जमा हो गया था, इसके कारण हार्ट औऱ सांस लेने का पूरा सिस्टम फेल हो गया और पप्पू देव की मौत हो गयी. मेडिकल टर्म में डॉक्टरों की टीम ने लिखा है-ब्रेन में हेमाटोमा के कारण कार्डियो रेसपिटरी सिस्टम फेल हो गया था जिसके कारण मौत हुई। बात दें कि जहां ब्रेन का नस फटा वहां बाहर चोट का गंभीर निशान था जो कि पुलिसिया करतूत की कलई खोल रहा था ।

सिर से अंदर जम गया था खून

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक पप्पू देव के ब्रेन की नस फटकर जहां खून जमा हुआ था उसके ठीक बाहर यानि बायें ललाट के ठीक उपर चोट का गंभीर निशान था. चोट का ये निशान मेडिकल टर्म में ब्रूज कहा जाता है. डॉक्टरों ने लिखा है कि बायें ललाट के उपर 2 इंच लंबा और 2 इंच चौड़ा ब्रूज (चोट का गहरा निशान) था. वे वही जगह है जहां सिर के अंदर खून निकल कर जमा हो गया था, जो मौत का कारण बना. डॉक्टरों ने कहा है कि यह किसी कठोर और भोथरे चीज की चोट से बना निशान है.

मेडिकल रिपोर्ट बताती है कि पप्पू देव के शरीर पर जख्म के लगभग चालीस निशान थे और डाक्टरों के मुताबिक सारे निशान भोथरे औऱ कठोर वस्तु से मारे जाने के कारण बने. मेडिकल रिपोर्ट में लाठी या बंदूक-पिस्तौल का जिक्र तो नहीं किया गया है लेकिन जिस हार्ड एंड ब्लंट सब्सटांस से जख्म होने का जिक्र किया जा रहा है वह लाठी या रायफल-बंदूक का बट हो सकता है.

मेडिकल रिपोर्ट ने ये साबित कर दिया है कि पप्पू देव की मौत की जो कहानी सहरसा पुलिस बता रही थी वह गलत थी. पप्पू देव की मौत सामान्य मौत नहीं थी बल्कि बर्बर पिटाई के कारण हुई मौत थी. 

एसपी का बयान झूठा

इससे पहले सहरसा की एसपी लिपि सिंह ने प्रेस को बयान जारी कर बताया था कि पुलिस को सराही गांव में पप्पू देव औऱ उसके समर्थकों द्वारा एक जमीन की घेराबंदी करवाने की सूचना मिली थी जिसके बाद पुलिस पप्पू देव की तलाश में उसके गांव के ही उमेश ठाकुर के घर पर छापा मारा था. एसपी की ओर से कहा गया था कि वहां मौजूद पप्पू देव और उसके समर्थकों ने पुलिस पर गोलियां चलायी थी जिसके जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा के लिए फायरिंग की थी.

 एसपी के प्रेस बयान में कहा गया था कि छापेमारी के बाद पप्पू देव ने दीवाल फांदकर भागने की कोशिश की, लेकिन उसे दबोच लिया गया था. पुलिस हिरासत में छाती में दर्द की शिकायत करने पर देर रात करीब दो बजे सदर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया. गंभीर स्थिति देख डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया था. उसे सहरसा से डीएमसीएच ले जाने की तैयारी के क्रम में मौत हो गई थी।  लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सहरसा की एसपी के दावों की धज्जियां उड़ा दी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ है कि पप्पू देव की मौत सामान्य हार्ट अटैक तो कतई नहीं थी. उसे बर्बर तरीके से पीटे जाने के सारे तथ्य सामने आ गये हैं । इसी बर्बर पिटाई में पप्पू देव की मौत हुई

शरीर पर चोट के 30 निशान

पोस्टमार्टम करने वाली मेडिकल टीम की रिपोर्ट में पप्पू देव के शरीर पर चोट के 30 निशान का जिक्र किया गया है. सब के सब किसी कठोर औऱ भोथरे वस्तु से मारे जाने के निशान हैं. लगभग सारी चोट गहरी औऱ गंभीर है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिन चोटों का जिक्र किया गया था वे हैं-

1.  बायें ललाट के उपर चोट का गहरा निशान ,

2.  दायीं आंख के नीचे चोट का गहरा निशान ,

3.  दायें हाथ पर वी आकार में चोट का निशान ,

4. बायें हाथ के अंगूठे का नाखून खींचने के कारण जख्म (avulsion injury) ,

5. दायीं जांघ पर चोट के पांच-पांच इंच के दो गहरे निशान ,

6. दायें घुटने पर जख्म के गहरे निशान ,

7. दायीं जांघ के निचले हिस्से पर चोट का 5 इंच का निशान ,

8. दायीं जांघ पर इस चोट के ठीक नीचे फिर एक चोट का निशान ,

9. दायें पैर पर चोट के तीन निशान ,

10. दायें पैर के निचले हिस्से में चोट के चार निशान ,

11. दायें पैर के लोअर एंटेनियर पर जख्म ,

12. बायें पैर के एंटेनियर पर जख्म के निशान ,

13. बायें पैर के उपरी हिस्से पर चोट के निशान ,

14. बायीं जांच पर चोट का निशान ,

15. बायें घुटने पर चोट के निशान ,

16. बायें घुटने के नीचे जख्म का निशान ,

17. बायीं जांघ के निचले हिस्से में चोट का निशान ,

18. बायीं जांघ के बीच में चोट का निशान ,

19. बायीं रिंग फिंगर के नाखून पर चोट का निशान ,

20. बायें हाथ की तर्जनी अंगुली (index figure) पर चोट के साथ अंगुली के भीतर खून का जमा होना ,

21. बायीं कलाई पर चोट का निशान ,

22. बायें हाथ की कोहनी के उपर चोट का निशान ,

23. बायीं कोहनी पर चोट का एक औऱ निशान ,

24.बायीं बांह पर गंभीर चोट का निशान ,

25.बायें हाथ के बीच में चोट का निशान ,

26. बायें कंधे के पास जख्म का निशान ,

27.बायें कुल्हे पर जख्म के निशान ,

28. गुदा के बायें निचले हिस्से पर चोट के निशान ,

29. गुदा के दाहिने हिस्से पर भी जख्म के निशान ,

30.बायें कुल्हे के पास जख्म के तीन निशान ।



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