'लक्ष्मी' भी काम न आईं! भ्रष्ट MVI मृत्युंजय सिंह पर परिवहन विभाग की 'बरस' रही थी कृपा, अब EOU ने खोल दी 'भ्रष्टाचार' की पोल तो ताकते रह गये 'बचाने' वाले

'लक्ष्मी' भी काम न आईं! भ्रष्ट MVI मृत्युंजय सिंह पर परिवहन विभाग की 'बरस' रही थी कृपा, अब EOU ने खोल दी 'भ्रष्टाचार' की पोल तो ताकते रह गये 'बचाने' वाले

PATNA: बिहार के परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार सिर चढ़कर बोल रहा है। चहेते घोटालेबाजों को बचाने की लाख कोशिश के बाद भी परिवहन के कई अफसर भ्रष्टाचार में नपे हैं। हाल ही में पटना के तत्कालीन डीटीओ पर कार्रवाई हुई थी। अब एक और बड़े ताकतवर और विभाग के चहेते मोटरयान निरीक्षक पर कार्रवाई की गई है। आर्थिक अपराध इकाई ने परिवहन विभाग के चहेते एमवीआई पर नकेल कसा है। ईओयू ने बालू से मलाई खाने में संलिप्तता के बाद आरोपी मृत्युंजय कुमार सिंह के खिलाफ आय से 531 % अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में केस दर्ज किया है। इसके बाद पटना ,रांची समेत तीन ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जानकार बताते हैं कि एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह पर परिवहन विभाग की लंबे समय से कृपा बरस रही थी। सेटिंग इतनी तगड़ी थी कि पटना से मनचाही जगह गया में पोस्टिंग की गई। फिर उसे परिवहन मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार देकर सप्ताह में तीन दिन पटना बुला लिया गया। जबकि पटना में ऑलरेडी तीन एमवीआई थे। लेकिन आर्थिक अपराध इकाई की सख्ती से विभाग की एक न चली और दोनों जगहों से हटा कर वेटिंग फॉर पोस्टिंग रखना पड़ा।  आखिर आरोपी एमवीआई पर कृपा कैसे बरस रही थी जानें...... 

बेनकाब हुआ परिवहन विभाग!

परिवहन विभाग ने तीन साल पहले 22 जून 2018 को 21 मोटरयान निरीक्षकों का स्थानांतरण-अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश जारी किया था। विभाग के उस आदेश में 19 वें नंबर पर एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह का नाम था। जिन्हें रोहतास से स्थानांतरण कर पटना पदस्थापित किया गया। इसके साथ ही परिवहन विभाग ने अपने कार्यों के अतिरिक्त परिवहन मुख्यालय में प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी किया। विभाग के आदेश पर एमवीआई ने तीन सालों तक पटना जिला और परिवहन मुख्यालय का काम देखा। तीन साल की अवधि पूरी होने के बाद परिवहन विभाग ने 30 जून 2021 को एमवीआई के स्थानांतरण का दूसरा आदेश जारी किया। विभाग के नये आदेश में खास एमवीआई पर फिर से कृपा बरसाई गई। इस बार चहेते एमवीआई को पटना जिला से स्थानांतरित कर गया पदस्थापन किया गया। इसके साथ ही लगे हाथ पटना परिवहन मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दे दिया। अब आप समझ गये होंगे कि खेल क्या है........

गया पदस्थापित कर फिर से परिवहन मुख्यालय का दिया था प्रभार

दरअसल चहेते एमवीआई को किसी कीमत  पर पटना से बाहर नहीं जाने देना था। लिहाजा फिर से मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया। 2018 में पटना के एमवीआई पद पर पदस्थापना के साथ ही एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह को पटना मुख्यालय का प्रभार दिया गया था.इस आधार पर कि इसे पटना जिला पदस्थापित किया गया। 2021 में उस सरकारी सेवक का स्थानांतरण गया जिला किया जाता है। लेकिन इस बार पटना वाले एमवीआई को मुख्यालय का प्रभार नहीं दिया गया फिर से उन्हीं को जिसे पटना से गया में पदस्थापित किया गया था पटना मुख्यालय का प्रभार दे दिया गया। हालांकि परिवहन विभाग से सेटिंग कर एमवीआई मृत्युंजय ने फिर से पटना मुख्यालय का प्रभार जरूर ले लिया। लेकिन वो अधिक दिनों तक बने नहीं रहे। जुलाई महीने में ही बालू कांड होने के बाद उन्हें हटा दिया गया और वेटिंग फॉर पोस्टिंग रखा गया है। अब तो ईओयू आय से अधिक संपत्ति केस में मंगलवार को छापेमारी की है। इसमें अब निलंबित होना तय है। 

देखिए 2018 का परिवहन विभाग का आदेश 

2021 का स्थानांतरण आदेश देखें....



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