उपेंद्र कुशवाहा की राजद को चेतावनी ... सीएम नीतीश पर सुधाकर की अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे

उपेंद्र कुशवाहा की राजद को चेतावनी ... सीएम नीतीश पर सुधाकर की अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे

पटना. जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने एक बार फिर से राजद नेता सुधाकर सिंह को आड़े हाथों लिया. उन्होंने शनिवार को कहा कि हमारे नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कोई अपमान करे यह हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. बिहार के लाखों करोड़ों लोगों का भरोसा नीतीश कुमार में है. हमारे नेता के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की जाए यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने सुधाकर सिंह को लेकर कहा कि उनके बयान से वे लगातार आहत हुए हैं. इसलिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से इसे लेकर बातें कही.

सुधाकर के बयान पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि न सिर्फ सुधाकर बल्कि राजद के प्रवक्ता की प्रतिक्रिया भी कुछ उसी भाषा में रही.  ऐसे में लगता में है कि दोनों के लिए एक ही जगह से स्क्रिप्ट लिखी गई हो. यह बिल्कुल गलत है.उन्होंने कहा कि संक्रांति तक हमें इंतजार करना चाहिए कि राजद अपने नेता सुधाकर के  खिलाफ कार्रवाई करता है या नहीं. उसके बाद आगे की स्थिति देखी जाएगी. 

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भी नीतीश कुमार सामाजिक आंदोलन को बल देने वाले देश के सबसे बड़े नेता हैं. इसलिए उन्होंने अपने दल का विलय जदयू में किया. नीतीश कुमार के सबके लिए काम करने की सोच के कारण ही वे जदयू में आए. और आगे भी जदयू में ही रहेंगे. उनके जदयू छोड़कर किसी अन्य दल में जाने की कोई स्म्भाना नहीं है. इसे लेकर कोई अर्थ निकाल लेना गलत है.

नीतीश कुमार के प्रधानमंत्री बनने के लिए लालू यादव का आशीर्वाद मिलने के राजद बिहार अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बयान पर उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि जनता के आशीर्वाद से नीतीश कुमार आगे बढ़ेंगे. विपक्षी एकता के लिए नीतीश कुमार पहल किए हैं. यह जरुर है कि नीतीश कुमार इसके लिए सबसे सहयोग लेंगे.

जातीय जनगणना पर भाजपा के कुछ नेताओं के सवालिया टिप्पी पर उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना पर मुख्यमंत्री ने सर्वदलीय बैठक बुलाई तो उसमे भाजपा के नेता शामिल हुए और समर्थन किए. अब भाजपा के नेता अगर जातीय जनगणना का विरोध कर रहे हैं तो यह उनकी दो नीति को दिखाता है. 

राजद में जदयू के विलय के सवाल पर कुशवाहा ने साफ किया कि ऐसा कुछ नहीं होने वाला है. राजद में जदयू के विलय की कोई योजना नहीं है. हम सिर्फ महागठबंधन में एक साथ है.

उन्होंने साफ किया कि 14 जनवरी को संक्रांति के अवसर पर जो चूड़ा-दही का भोज हो रहा है. यह जदयू नेता के तौर पर वे आयोजित कर रहे हैं. कुशवाहा ने कहा कि कुछ लोग इस भोज का गलत अर्थों में व्याख्या कर रहे थे जो गलत है. इसमें उन्होंने जदयू नेता के तौर पर मेजबानी की है और सबको बुलाया है.

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