कभी प्रधानमंत्री थे, अब संसद की सदस्यता भी खत्म हो गई, पाकिस्तान में इमरान खान पर फैसले के बाद भारी बवाल, कई जगह प्रदर्शन

कभी प्रधानमंत्री थे, अब संसद की सदस्यता भी खत्म हो गई, पाकिस्तान में इमरान खान पर फैसले के बाद भारी बवाल, कई जगह प्रदर्शन

DESK : कुछ माह तक इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हुआ करते थे, लेकिन रातों रात किस्मत ऐसी पलटी कि अब उनकी संसद की सदस्यता को भी अवैध बता दिया गया। बीते शुक्रवार को पाकिस्तान पाकिस्‍तान के चुनाव आयोग ने शुक्रवार को देश के पूर्व प्रधानमंत्री और PTI नेता इमरान खान को 5 साल के लिए अयोग्‍य घोषित कर दिया है। उनकी संसद सदस्यता भी रद्द कर दी है। इस फैसले के बाद इमरान अगले 5 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

इस फैसले के खिलाफ इमरान समर्थकों ने चुनाव आयोग (EC) के ऑफिस के बाहर जमकर हंगामा किया। इमरान समर्थकों ने यहां तैनात जवानों के साथ पहले हाथापाई की, फिर हवाई फायरिंग भी की। घटना में अब तक कुछ लोगों के घायल होने की खबर है। कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

विदेशी तोहफों को बेचने का आरोप

पाकिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान रजा की अध्यक्षता वाली 4 सदस्यों की बेंच ने इमरान के खिलाफ यह फैसला सुनाया। इमरान जब प्रधानमंत्री थे तब विपक्षी सांसदों ने उनके खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत की थी। इमरान पर आरोप था कि उन्होंने तोशाखाना में जमा गिफ्ट्स को सस्ते में खरीदा और ज्यादा दामों में बेच दिया। जिन कीमती सामानों को इमरान पर बेचने का आरोप लगा, उनमें बेशकीमती हीरे की अंगूठियां, जालीदार झूमके, कई जेवरात और एक हाथ घडी शामिल है।

पाकिस्तान में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या दूसरे पद पर रहने वालों को मिले तोहफों की जानकारी नेशनल आर्काइव को देनी होती है। इन्हें तोशाखाना में जमा कराना होता है। अगर तोहफा 10 हजार पाकिस्तानी रुपए की कीमत वाला होता है तो बिना कोई पैसा चुकाए इसे संबंधित व्यक्ति रख सकता है।

10 हजार से ज्यादा है तो 20% कीमत देकर गिफ्ट अपने पास रखा जा सकता है। अगर 4 लाख से ज्यादा का गिफ्ट है तो इसे सिर्फ वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) या सदर-ए-रियासत (राष्ट्रपति) ही खरीद सकता है। अगर कोई नहीं खरीदता तो नीलामी होती है। 

फवाद चौधरी ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

ECP द्वारा पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद पीटीआई के नेता फवाद चौधरी ने चुनाव आयोग के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का रवैया सबसे खराब है। उन्होंने कहा, 'हमने चुनाव आयोग पर कभी कोई उम्मीद नहीं लगाई थी। चुनाव आयोग का इमरान खान के खिलाफ यह फैसला बेहद शर्मनाक है। आयोग ने पाकिस्तान की जनता को निराश किया है।' फवाद ने चुनाव आयोग के इस फैसले को पाकिस्तान की संस्थाओं पर हमला करार दिया।

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