Bihar News: गैस के लिए हाहाकार, एजेंसी पर उमड़ी भीड़, ऑनलाइन मैसेज नहीं आने से उपभोक्ता परेशान

Bihar News: गैस सिलेंडर को लेकर ऐसा हंगामा और हाहाकार मचा कि अजय इंडेन गैस एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ....

गैस के लिए हाहाकार- फोटो : reporter

Bhojpur:  जिले के पीरो अनुमंडल मुख्यालय में मंगलवार को गैस सिलेंडर को लेकर ऐसा हंगामा और हाहाकार मचा कि अजय इंडेन गैस एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही एजेंसी परिसर में लंबी-लंबी कतारें लग गईं और देखते ही देखते माहौल अफरा-तफरी में तब्दील हो गया। गैस की आस लेकर पहुंचे लोग घंटों लाइन में खड़े रहे, मगर कई उपभोक्ताओं को आखिरकार मायूस हकर खाली हाथ लौटना पड़ा।उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग करने के बावजूद उनके मोबाइल पर कन्फर्मेशन मैसेज नहीं आ रहा है, जिसके कारण उन्हें गैस नहीं दी जा रही। इस नियम ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। गैस उपभोक्ता शशि ने बताया कि घर में सिलेंडर खत्म हो गया था, इसलिए होम डिलीवरी का इंतजार किया। जब कई दिनों तक गैस नहीं पहुंची तो वे खुद एजेंसी पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

उन्होंने बताया कि बुकिंग के लिए दिए गए मोबाइल नंबर 8454955555 पर कई बार मैसेज भेजा, मगर कोई जवाब नहीं मिला। इस पर एजेंसी के कर्मी गणनायक श्रीवास्तव उर्फ गणपत ने कथित तौर पर कहा कि “चार दिन पर ही गैस उठाव करोगे तो नंबर लगेगा।” जबकि उपभोक्ता का दावा है कि उनका पिछला सिलेंडर उठाव 8 नवंबर 2025 को हुआ था।

इब्राहिमपुर के निवासी नागा जी ने आरोप लगाया कि एजेंसी में जानबूझकर अव्यवस्था का माहौल बनाया जा रहा है, जिससे गैस वितरण में धांधली की आशंका बढ़ रही है। वहीं बिहिया रोड के पंकज कुमार भी घंटों इंतजार के बाद बिना सिलेंडर लिए ही लौट गए। उनका कहना है कि कई बार बुकिंग की कोशिश की, मगर मैसेज नहीं आया और मजबूरी में बाजार में महंगे दाम पर गैस खरीदनी पड़ रही है।

बस पड़ाव निवासी विकास कुमार के मुताबिक पहले गैस हॉकर डीएसी नंबर और पासबुक देखकर सिलेंडर दे देते थे, लेकिन अब नई प्रक्रिया लागू कर दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

इस पूरे मामले पर गैस एजेंसी के मैनेजर जाहीद अंसारी का कहना है कि सरकार के निर्देश के अनुसार ही सिलेंडर वितरण किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए अब गैस की डिलीवरी डीएसी प्रणाली और वैध बुकिंग नंबर के आधार पर ही दी जा रही है, ताकि अनियमितता और डायवर्जन रोका जा सके।

हालांकि सवाल अभी भी बरकरार हैं जब नियम सबके लिए एक हैं, तो फिर कुछ लोगों को आसानी से गैस कैसे मिल रही है? यही वजह है कि पीरो में गैस को लेकर नाराजगी और बहस दोनों तेज हो गई हैं।

रिपोर्ट- आशीष कुमार