आजादी के 80 वर्षों बाद मुजफ्फरपुर-सारण सीमा के 'चक्की सुहागपुर' में बना नया थाना, कभी था नक्सलियों का गढ़
मुजफ्फरपुर जिले के गंडक नदी का दियारा इलाका लाल आतंक के अभेद्य गढ़ के रुप में जाना जाता था वहां अब कायम कानून का राज होगा। आजादी के 80 वर्षों के बाद मुजफ्फरपुर-सारण सीमा के 'चक्की सुहागपुर' में नया थाना बना है.....
Muzaffarpur : जिले का अत्यंत सुदूर और गंडक नदी का दियारा इलाका, जो कभी नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना और अभेद्य गढ़ माना जाता था, अब सुरक्षा व विकास की नई मिसाल पेश करने जा रहा है। मुजफ्फरपुर जिले के पारू थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित 'चक्की सुहागपुर' में नवनिर्मित थाना भवन (आउटपोस्ट/OP) बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है, जिसका उद्घाटन अगले सप्ताह किया जाएगा। आजादी के 80 वर्षों तक यह क्षेत्र प्रशासनिक उपेक्षा और खौफ के साये में जीने को मजबूर था, लेकिन अब यहां पुलिस की स्थायी मौजूदगी से शांति और सुरक्षा का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।
नाव की सवारी और लंबा चक्कर काटने की मजबूरी होगी खत्म
भौगोलिक दृष्टिकोण से बेहद कठिन चक्की सुहागपुर क्षेत्र से मुख्य पारू थाना या जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए सीधा सुगम सड़क मार्ग नहीं था। ग्रामीणों को किसी भी आपात स्थिति, इलाज या प्रशासनिक कार्य के लिए या तो गंडक नदी में जोखिमभरी नाव की सवारी करनी पड़ती थी या फिर पड़ोसी जिले सारण (छपरा) की सीमाओं से होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। कठिन रास्तों के कारण चुनाव संचालन और त्वरित पुलिस कार्रवाई में भारी चुनौतियां आती थीं, जिसका फायदा उठाकर नक्सलियों ने इस इलाके को अपना ठिकाना बना लिया था।
चार पंचायतों की हजारों की आबादी को मिलेगी त्वरित राहत
चक्की सुहागपुर ओपी के विधिवत शुरू होने से आसपास की लगभग चार पंचायतों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब स्थानीय ग्रामीणों को छोटी-मोटी समस्याओं, प्राथमिक दर्ज कराने या आपातकालीन स्थिति के लिए मीलों दूर नहीं भटकना पड़ेगा। क्षेत्र में पुलिस बल की स्थायी तैनाती से न केवल आपराधिक गतिविधियों और अवैध बालू/शराब तस्करों पर लगाम लगेगी, बल्कि आम जनता के मन से लाल आतंक और अपराध का भय भी पूरी तरह समाप्त होगा।
एसएसपी ने कहा- इसी सप्ताह सुचारू होगा नया थाना
मामले की पुष्टि करते हुए मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सरकार द्वारा निर्मित नया थाना भवन पूरी तरह से तैयार है। पूर्व में पुलिस मुख्यालय और सरकार को इस क्षेत्र में ओपी स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई हैं। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि अगले सप्ताह से इस नए नक्सल थाना/ओपी में विधिवत कामकाज शुरू कर दिया जाएगा। पुलिस की इस पहल से स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह और उम्मीद का माहौल है।
मणिभूषण की रिपोर्ट