Muzaffarpur Paperless Registry: पेपरलेस रजिस्ट्री पर कातिबों का विरोध तेज, मुजफ्फरपुर में रजिस्ट्री का काम ठप

Muzaffarpur Paperless Registry: मुजफ्फरपुर में पेपरलेस रजिस्ट्री का कातिबों ने विरोध किया। प्रदर्शन के कारण पांच निबंधन कार्यालयों में रजिस्ट्री का काम प्रभावित हुआ और कई स्लॉट पर निबंधन नहीं हो सका।

Muzaffarpur Paperless Registry: मुजफ्फरपुर में सोमवार से दस्तावेजों के निबंधन की प्रक्रिया पेपरलेस करने की योजना थी, लेकिन दस्तावेज नवीस यानी कातिबों के विरोध के कारण यह व्यवस्था पहले ही दिन लागू नहीं हो सकी। जिले के पांचों निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री का काम ठप रहा।जिला अवर निबंधन कार्यालय में पहले से बुक किए गए पुराने स्लॉट के कारण सिर्फ दो दस्तावेजों का निबंधन हो पाया। इन दोनों की बुकिंग पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से पहले पुराने नियम के तहत हुई थी।

कातिबों ने किया विरोध, कार्यालय में हुआ हंगामा

पेपरलेस निबंधन के विरोध में कातिबों ने जिला अवर निबंधन कार्यालय में प्रदर्शन और हंगामा किया। वहीं मोतीपुर, पारू, कटरा और सकरा के निबंधन कार्यालयों में दस्तावेज नवीस काम से अलग रहे।इसका सीधा असर रजिस्ट्री के काम पर पड़ा। इन कार्यालयों में सोमवार को एक भी दस्तावेज का निबंधन नहीं हुआ। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने की बात कही जा रही है।जिला अवर निबंधक अजय कुमार ने बताया कि कातिबों से बातचीत की गई है और जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

45 दस्तावेजों के लिए बुक थे स्लॉट

जिला अवर निबंधन कार्यालय में पेपरलेस रजिस्ट्री के लिए 45 दस्तावेजों के स्लॉट पहले से बुक किए गए थे। हालांकि, कातिबों के विरोध के कारण इनमें से किसी का भी निबंधन नहीं हो सका।बताया गया कि कार्यालय में हंगामा देखकर कई क्रेता और विक्रेता भी रजिस्ट्री कराने से पीछे हट गए।मोतीपुर में 11 और पारू में पांच स्लॉट बुक किए गए थे। यहां भी किसी दस्तावेज का निबंधन नहीं हुआ। सकरा और कटरा में सोमवार को कोई स्लॉट बुक नहीं था।

पेपरलेस रजिस्ट्री से क्या है कातिबों की परेशानी?

दस्तावेज नवीस संघ का कहना है कि वे डिजिटल व्यवस्था के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कागजी प्रक्रिया को पूरी तरह खत्म करना सही नहीं होगा। उनका कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया से बुजुर्ग लोगों और तकनीक की कम जानकारी रखने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।कातिबों ने तकनीकी खराबी और साइबर धोखाधड़ी को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर ऑनलाइन सिस्टम में कोई दिक्कत आती है तो रजिस्ट्री का काम रुक सकता है और आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है