Bihar Vidhansabha : गंगा किनारे वाले जिलों में उत्पादित सब्जियों में आर्सेनिक की मात्रा तय सीमा से काफी अधिक, विधानसभा में कृषि मंत्री का खुलासा
Bihar Vidhansabha : आर्सेनिक का स्तर लगातार बढ़ने से हो रही विभिन्न बिमारियों के खबरों के बीच अब बिहार में गंगा नदी किनारे स्थित जिलों में उत्पादित सब्जियों में इसकी गंभीर मात्रा में उपस्थिति को लेकर विधानसभा में बड़ा दावा किया गया है.

Bihar Vidhansabha : आर्सेनिक की प्रभावशीलता बढ़ने के मामलों के बीच अब यह बातें सामने आई हैं कि बिहार में गंगा किनारे वाले जिलों की सब्जी और अनाज में आर्सेनिक की मात्रा मिलने लगी है. बिहार विधानसभा में गुरुवार को इससे जुड़े सवाल पर उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कई सब्जियों का नाम बताकर उसमें मौजूद आर्सेनिक की मात्रा का विवरण बताया. आर्सेनिक की मात्रा और इससे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर असर से जुड़ा सवाल आरा विधायक अमरेंद्र प्रताप सिंह ने किया था.
प्रश्नकाल के दौरान विजय कुमार सिन्हा ने आंकड़ों में बताया कि सब्जियों में आर्सेनिक की मात्रा तय सीमा से काफी अधिक है. उन्होंने बताया कि पत्ते वाली सब्जी जैसे बंद गोभी, मेथी में प्रति ग्राम 0.1%, जड़ वाले सब्जी जैसे आलू, शकरकंद में प्रति ग्राम 0.3% आर्सेनिक मिला है. वहीं अन्य फसल में 1 प्रतिशत आर्सेनिक मिला है.
मोबाइल इस्तेमाल पर भड़के सीएम नीतीश
बिहार विधानसभा में गुरुवार को सदस्यों के मोबाइल उपयोग करने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी आपत्ति जताई. सदन में प्रश्नकाल के दौरान कुमार कृष्ण मोहन उर्फ़ सुदय यादव द्वारा सदन में मोबाइल लेकर सवाल किया जा रहा था. इसी बीच सीएम नीतीश ने मोबाइल लेकर सदन में आने पर गहरी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि पहले से यह प्रतिबंधित है. उन्होंने स्पीकर नंद किशोर यादव से अनुरोध किया कि जो भी मोबाइल लेकर के आएगा उसे सदन से बाहर निकाल दिया जाए.
उन्होंने कहा कि पहले हम खूब देखते थे. 2019 में हम जाने गड़बड़ होने वाला है तो हम छोड़ दिये.उन्होंने कहा कि मोबाइल लेकर के सदन में आना पहले से प्रतिबंधित किया हुआ है, इसके बाद भी कई लोग इसे लेकर बोल रहा है. उन्होंने मोबाइल देखकर सदन में बोलने वालों को कहा कि ई कउची मोबइलबा लेकर खड़े हो, बात अपनी तरफ से बोलो. उन्होंने कहा कि यही हाल रहा तो 10 साल में धरती खत्म हो जाएगी.