Bihar Budget 2026: नीतीश सरकार आज पेश करेगी इतने लाख करोड़ का बजट, युवाओं और महिलाओं के लिए खुलेगा पिटारा, जानिए बड़ी घोषणाएं
Bihar Budget 2026: नीतीश सरकार आज सदन में बजट पेश करेगी। बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। बजट में सरकार क्या क्या घोषमाएं कर सकती है आइए जानते हैं....
बिहार विधानमंडल का बजट सत्र जारी है। बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। आज सीएम नीतीश की नई सरकार सदन में 2026-27 का बजट पेश करेगी। वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव सदन में बजट पेश करेंगे। बता दें कि, बिहार सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट आज मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश करेगी। नीतीश सरकार 10.0 के कार्यकाल का यह पहला बजट वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव सदन के पटल पर रखेंगे।
इतने लाख करोड़ का बजट होगा पेश
जानकारी अनुसार इस बार बजट का आकार पिछले वर्ष के 3 लाख 17 हजार करोड़ रुपये की तुलना में करीब 10 फीसदी बढ़ने की संभावना है। अनुमान है कि 2026-27 का बजट 3 लाख 48 हजार से 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। पिछला बजट 2025-26 चुनावी वर्ष का था, जिसमें कुल 52 बड़ी लोकलुभावन घोषणाएं की गई थीं।
बड़े घोषणाओं की उम्मीद नहीं
इस बार सरकार का रुख अलग है। 2026-27 के बजट में नई घोषणाओं से परहेज करते हुए पिछली घोषणाओं को पूरा करने पर ज्यादा जोर रहने की संभावना है। संसाधनों के नए स्रोतों की कमी भी इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है। हालांकि, पुराने वादों को पूरा करने के लिए सरकार को इस बार भी अनुपूरक बजट के जरिए अतिरिक्त राशि की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। इस बार सरकार का फोकस सात निश्चय-3 के तहत की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन पर रहेगा। अगले पांच वर्षों में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने का लक्ष्य भी इसी योजना का हिस्सा है, जिसके लिए बजट में अमल की रूपरेखा तय किए जाने के संकेत हैं।
वेतन पर होगा बजट का बड़ा खर्च
2026-27 के बजट का बड़ा हिस्सा वेतन मद में खर्च होने की संभावना है। पिछले एक साल में करीब एक लाख नई नियुक्तियां हुई हैं, जिनके वेतन के लिए बजट में प्रावधान करना जरूरी होगा। सरकार का दावा है कि हाल के वर्षों में पांच लाख से अधिक नियुक्तियां की गई हैं, जिससे हर साल प्रतिबद्ध खर्च लगातार बढ़ रहा है। इसका असर विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध राशि पर पड़ रहा है।
सबसे अहम हिस्सा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना भी बजट का अहम हिस्सा रहेगी। इस योजना के तहत चयनित महिलाओं को दो लाख रुपये दिए जाने हैं। चुनाव के दौरान 10 हजार रुपये पहले ही खातों में डाले जा चुके हैं, जबकि शेष राशि का कुछ हिस्सा आगामी बजट में दिए जाने की संभावना है।
तीन नए विभागों पर बढ़ेगा खर्च
हाल ही में गठित तीन नए विभाग उच्च शिक्षा, युवा रोजगार एवं कौशल विकास और नागरिक उड्डयन पर बजट में अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार की प्राथमिकताओं को देखते हुए शिक्षा से जुड़े दोनों विभागों को मिलाकर 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर से ज्यादा निवेश पर फोकस
इस बार बजट का फोकस इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास से आगे बढ़कर निवेश को बढ़ावा देने पर रहने वाला है। सरकार का मानना है कि निवेश बढ़ने से रोजगार सृजन और आर्थिक विकास दोनों को गति मिलेगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था के आकार में भी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
कर्ज बढ़ेगा, ब्याज बनेगा चुनौती
राज्य की वित्तीय स्थिति को संभालने के लिए बिहार सरकार जनवरी-मार्च तिमाही में 12 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने की तैयारी में है। इसके लिए रिजर्व बैंक से अनुमति मांगी जा चुकी है। अनुमान है कि 2026 के अंत तक बिहार सरकार पर कुल कर्ज 4 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच जाएगा। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कर्ज कानूनी सीमा के भीतर रहेगा, लेकिन इसके बदले हर साल करीब 40 हजार करोड़ रुपये ब्याज चुकाना पड़ेगा, जो संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव डालेगा।