Bihar News: गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली पूर्वी क्षेत्रीय परिषद के लिए बिहार की नई टीम तय, डिप्टी सीएम विजय चौधरी और मंत्री संजय सिंह टाइगर को मिली अहम जिम्मेदारी, जानिए इसके मायने

Bihar News: बिहार सरकार ने पूर्वी क्षेत्रीय परिषद (ईस्टर्न ज़ोनल काउंसिल) में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों के नामों पर मुहर लगा दी है।..

पूर्वी क्षेत्रीय परिषद में बिहार की नई टीम तय- फोटो : social Media

Bihar News: बिहार सरकार ने पूर्वी क्षेत्रीय परिषद (ईस्टर्न ज़ोनल काउंसिल) में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों के नामों पर मुहर लगा दी है। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और मंत्री संजय सिंह 'टाइगर' को बिहार सरकार की ओर से परिषद का सदस्य नामित किया गया है। इस फैसले को प्रशासनिक और राजनीतिक लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि परिषद की बैठकों में राज्यों के बीच तालमेल, विकास और साझा चुनौतियों पर महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते हैं।

सरकार ने यह नामांकन राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 16(1)(बी) के तहत किया है। इसके साथ ही बिहार के मुख्य सचिव और गृह विभाग के सचिव को परिषद का सलाहकार (एडवाइजर) नियुक्त किया गया है। इनकी नियुक्ति अधिनियम की धारा 16(4)(सी) के तहत की गई है, ताकि परिषद की बैठकों में प्रशासनिक स्तर पर राज्य का पक्ष प्रभावी ढंग से रखा जा सके।

पूर्वी क्षेत्रीय परिषद देश की पांच क्षेत्रीय परिषदों में शामिल एक महत्वपूर्ण संवैधानिक मंच है। इसका मकसद राज्यों के बीच बेहतर समन्वय कायम करना, आपसी मतभेदों का समाधान निकालना और विकास से जुड़े साझा मुद्दों पर सहमति बनाना है। परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री करते हैं, जबकि सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इसमें हिस्सा लेते हैं।

इस परिषद की बैठकों में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी राज्यों से जुड़े अहम मसलों पर विस्तार से चर्चा होती है। इनमें सीमा विवाद, कानून-व्यवस्था, सड़क और रेल संपर्क, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग, उद्योग एवं निवेश, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई अहम मुद्दे शामिल रहते हैं।

राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि विजय कुमार चौधरी और संजय सिंह टाइगर की नियुक्ति से परिषद में बिहार का पक्ष और अधिक मजबूती से रखा जाएगा। सरकार की कोशिश है कि क्षेत्रीय सहयोग के इस मंच के जरिए राज्य के विकास, आधारभूत संरचना और अंतरराज्यीय समन्वय से जुड़े मुद्दों का तेज़ी से समाधान निकले और बिहार के हितों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।