Ram Mandir : राम मंदिर जन-आस्था और सनातन संस्कृति की अस्मिता का प्रतीक, दोषियों पर हो कठोरतम कार्रवाई: डॉ. संतोष सुमन
Ram Mandir : मंत्री डॉ. संतोष सुमन ने राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र स्थल से जुड़ी कोई भी गड़बड़ी केवल एक साधारण आपराधिक घटना नहीं है,
PATNA : बिहार सरकार के मंत्री और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संतोष सुमन ने कहा की राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सदियों के संघर्ष, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सनातन संस्कृति की अस्मिता और भारत की सांस्कृतिक चेतना का सर्वोच्च प्रतीक है। इसके निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा ने पूरे विश्व में भारत की सनातन परंपरा का गौरव स्थापित किया है। आज राम मंदिर विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्रबिंदु है। ऐसे पवित्र स्थल से जुड़ी कथित चोरी या किसी भी प्रकार की अनियमितता केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और सनातन संस्कृति के विश्वास पर गंभीर आघात है। इसलिए इस मामले में जांच पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए तथा जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा की इस मामले में यदि कोई भी व्यक्ति, चाहे उसका पद, प्रतिष्ठा या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, जांच में दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। राम मंदिर की गरिमा, श्रद्धालुओं का विश्वास और सनातन संस्कृति का सम्मान किसी भी व्यक्ति से बड़ा है। जनता का विश्वास तभी अटूट रहेगा, जब न्याय बिना किसी पक्षपात के होगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सुमन ने कहा की यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ विपक्षी दल इस घटना को आधार बनाकर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सनातन परंपरा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दशकों से अर्जित सामाजिक विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास कर रहे हैं। किसी भी कथित अपराध की निष्पक्ष जांच और दोषियों को दंड मिलना आवश्यक है, लेकिन एक घटना के आधार पर पूरे सनातन समाज, उसकी परंपराओं या किसी सामाजिक संगठन को कठघरे में खड़ा करना न तो न्यायसंगत है और न ही राष्ट्रहित में।
संतोष सुमन ने कहा की लगभग एक शताब्दी से सामाजिक जीवन में कार्य कर रहे संगठनों की विश्वसनीयता का आकलन किसी एक घटना से नहीं किया जा सकता। कुछ व्यक्तियों के कथित कृत्य से करोड़ों सनातनियों की आस्था और समाज का विश्वास कमजोर नहीं होने वाला है। विपक्ष को इस संवेदनशील विषय पर राजनीतिक लाभ लेने के बजाय सत्य के सामने आने की प्रतीक्षा करनी चाहिए। राम मंदिर की पवित्रता, श्रद्धालुओं की भावनाएं और राष्ट्रीय एकता किसी भी दलगत राजनीति से कहीं ऊपर हैं।