Pappu Yadav: 'हुजूर...बचा लीजिए'...कोर्ट में जज के सामने फूट-फूटकर रोने लगे पप्पू यादव, सांसद ने हाथ जोड़कर की विनती, नीतीश सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
Pappu Yadav: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव मंगलवार को एमपी एमएलए कोर्ट में पेश हुए इस दौरान पप्पू यादव भावुक दिखें। वहीं सुनवाई के दौरान जज के सामने पहुंचते ही पप्पू यादव फूट-फूटकर रोने लगे। हाथ जोड़कर पप्पू ने कहा कि, हुजूर..मुझे..बचा लीजिए.
Pappu Yadav: हुजूर....बचा लीजिए...सरकार मेरी हत्या करवाना चाहती है,...बचा लीजिए हुजूर...कोर्ट रुम में जब सुनवाई के लिए पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पहुंचे तो जज के सामने फूट-फूटकर रो पड़े। पप्पू यादव जज के सामने हाथ जोड़कर खड़े रहे और जज विनती करने लगे। कोर्ट में जब पप्पू यादव पेशी के लिए आ रहे थे तब भी कैदी वैन में उदास और भावुक नजर आ रहे थे। दरअसल,मंगलवार को पटना की MP-MLA विशेष अदालत में पेशी हुई। इस दौरान भावुक होकर अपनी जान को खतरा बताया। जज के सामने हाथ जोड़कर उन्होंने कहा कि उन्हें साजिश के तहत मारने की कोशिश की जा रही है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
हुजूर सरकार मुझे मरवा देगी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुनवाई के दौरान पप्पू यादव करीब 20 मिनट तक जज के सामने हाथ जोड़कर खड़े रहे और फूट-फूटकर रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें PMCH में लावारिस छोड़ दिया गया था और वार्ड के बाहर एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सांसद ने कहा कि मुझे शक है कि गलत इंजेक्शन देकर मेरी हत्या कराने की साजिश हो सकती है। उन्होंने जज से कहा कि मैं सरेंडर करने वाला खथा लेकिन तभी सादे कपड़ों में मेरे घर बहुत से हथियारबंद लोग आए...एसपी नहीं आते तो पता नहीं क्या होता...।
व्हीलचेयर पर लाए गए कोर्ट
पप्पू यादव को बेऊर जेल से पुलिस कैदी वैन में बैठाकर दोपहर करीब 12:30 बजे कोर्ट लाई। जैसे ही वैन कोर्ट परिसर पहुंची, वहां समर्थकों और पुलिसकर्मियों की भीड़ जुट गई। वैन से उतरने से पहले सांसद ने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें व्हीलचेयर पर बैठाकर अदालत के अंदर ले गए। अपनी बारी आने से पहले वे कोर्ट के बाहर व्हीलचेयर पर बैठे इंतजार करते रहे। इस दौरान उनके समर्थक भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। दोपहर 2 बजे जज के कोर्ट में बैठने के बाद उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू हुई।
जज के सामने सुनाई आपबीती
जैसे ही जज ने उनका नाम पुकारा, पप्पू यादव व्हीलचेयर से लड़खड़ाते हुए खड़े हुए। हाथ जोड़कर उन्होंने कहा कि हुजूर, मैं सांसद हूं। मुझे बहुत काम होते हैं, लेकिन मैं कभी कोर्ट से भागा नहीं हूं। मैं सरेंडर करने वाला था। सादे कपड़ों में हथियारबंद लोग मेरे घर आए थे। SP नहीं आते तो पता नहीं क्या हो जाता।" उन्होंने आगे कहा कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें PMCH में असहाय स्थिति में छोड़ दिया गया। इस दौरान उनके हाथ में जेल में लिखा 3-4 पन्नों का एक आवेदन भी था, जिसे कोर्ट के कर्मचारियों ने लेकर जज के सामने पेश किया।
31 साल पुराने केस में मिली जमानत
पप्पू यादव को 31 साल पुराने एक मामले में अदालत से जमानत मिल गई है। हालांकि, बुद्धा कॉलोनी और कोतवाली थाने में दर्ज दो अन्य मामलों में जमानत नहीं मिलने के कारण वे फिलहाल जेल में ही रहेंगे। इन दोनों मामलों पर सुनवाई होनी है। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि सांसद लंबे समय से फरार थे और बार-बार बुलाने के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हुए। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि मामले में सूचना सही तरीके से नहीं दी गई और पप्पू यादव हर तारीख पर आने को तैयार हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुराने मामले में उन्हें जमानत दे दी।
किन मामलों में चल रही है सुनवाई
बुद्धा कॉलोनी केस मामले में पप्पू यादव को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। दरअसल, 6 फरवरी की रात पुलिस जब पप्पू यादव को गिरफ्तार करने पहुंची थी, तब उनके समर्थकों ने विरोध किया था। इस दौरान सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया। दूसरा मामला कोतवाली थाना केस में दर्ज है। जिसमें 27 मार्च 2017 को बिजली टैरिफ बढ़ोतरी और BSSC पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम करने को लेकर केस दर्ज हुआ था। फिलहाल इन दोनों मामलों में रिमांड की प्रक्रिया चल रही है और आगे की सुनवाई के बाद ही उनकी रिहाई पर फैसला होगा।