केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का बड़ा बयान: 'दलितों के हालात आज भी खराब, सेपरेट इलेक्टोरल और समान शिक्षा से ही संभव है विकास'

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने दलित समाज की वर्तमान स्थिति को लेकर एक बेहद बड़ा और बेबाक बयान दिया है। मांझी ने कहा है कि जब तक देश में 'सेपरेट इलेक्टोरल' और 'समान शिक्षा' लागू नहीं होगी, तब तक दलितों का वास्तविक विकास संभव नहीं है.....

दलित समाज को लेकर मांझी का बड़ा बयान- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने दलित समाज की वर्तमान स्थिति को लेकर एक बेहद बड़ा और बेबाक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज लोग चांद पर जा रहे हैं, लेकिन देश में दलितों के हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं। मांझी ने कहा कि आज संसद में दलितों के हक में कोई खुलकर नहीं बोलता, सिर्फ सांसद चंद्रशेखर रावण ही सदन में दलितों की बात करते हैं। उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा, "मैंने ही चंद्रशेखर रावण को संसद में बोलना सिखाया है।" मांझी ने साफ किया कि जब तक देश में 'सेपरेट इलेक्टोरल' (पृथक निर्वाचक मंडल) और 'समान शिक्षा' लागू नहीं होगी, तब तक दलितों का वास्तविक विकास संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जाति का बंधन नहीं टूट रहा है, तो दलितों को हिंदू से बुद्धिस्ट (बौद्ध) हो जाना चाहिए।


बेटे संतोष मांझी को नसीहत: 'मुद्दे की राजनीति' करना बेहद जरूरी

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अपने बेटे और बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार मांझी को भी सार्वजनिक रूप से बड़ी राजनीतिक सलाह दी है। उन्होंने अपनी पार्टी (HAM) के भविष्य को लेकर कहा कि उनका बेटा फिलहाल 'मुद्दे की राजनीति' नहीं कर रहा है। मांझी ने जोर देकर कहा कि आज के दौर में मुद्दों पर आधारित राजनीति करना बेहद जरूरी है। अगर उनकी पार्टी बुनियादी मुद्दों और दलितों के हक पर मजबूती से काम करना शुरू कर दे, तो उनकी पार्टी बहुत जल्द सूबे और देश की राजनीति में शीर्ष स्थान पर पहुंच जाएगी।


चिराग पासवान पर तीखा तंज: 'नाखून कटाकर शहीद का दर्जा पाना चाहते हैं कुछ लोग'

अपने संबोधन के दौरान जीतन राम मांझी ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का नाम लिए बिना उन पर बेहद तीखा राजनीतिक हमला बोला। मांझी ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग खुद को आरक्षण के बड़े हितैषी बनते हैं, लेकिन असलियत में वे 'नाखून कटाकर शहीद का दर्जा' लेना चाहते हैं। उन्होंने सीट शेयरिंग और प्रतिनिधित्व पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि दलितों और आरक्षण के नाम पर कुछ लोगों ने जरूरत से ज्यादा सीटें ले लीं, जिसकी वजह से हमें हमारा जायज हक और उचित हिस्सेदारी नहीं मिल सकी।


आरक्षण पर नरेंद्र मोदी और सम्राट चौधरी पर जताया भरोसा: विपक्ष को घेरा

आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए जीतन राम मांझी ने विपक्ष और अन्य नेताओं के दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चुनावी फायदे के लिए यह ढोल पीटते हैं कि 'जब तक हम जिंदा हैं, तब तक आरक्षण कोई खत्म नहीं कर सकता'। लेकिन असल हकीकत यह है कि जब तक देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार है, तब तक कोई माई का लाल आरक्षण को हाथ भी नहीं लगा सकता है। इन दोनों नेताओं के रहते हुए दलितों का आरक्षण पूरी तरह सुरक्षित है।


सीएम सम्राट चौधरी के समर्थन में उतरे मांझी: पुलिसिया कार्रवाई पर उठाए सवाल

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुरजोर समर्थन करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि सम्राट चौधरी इस वक्त राजनीति में कुछ लोगों की 'आंख का कांटा' बने हुए हैं, इसलिए उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। मांझी ने बिहार पुलिस की हालिया कार्यप्रणाली और प्रशासनिक रवैये पर भी गंभीर विशेष सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व और पुलिस की कार्रवाई को लेकर जो सवाल खड़े किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह राजनीति से प्रेरित हैं।


नरोत्तम की रिपोर्ट