पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने नेताओं को लेकर कही ऐसी गंभीर बात, सदन में कई बार गूंजे शेम-शेम के नारे

New Delhi : संसद में महिला आरक्षण संशोधन और परिसीमन बिल पर सदन में आज दूसरे दिन भी चर्चा जारी है। वहीं इस बिल को लेकर आज शाम 4 बजे मतदान होना है। वहीं चर्चा के दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने राजनीतिक बिरादरी पर गंभीर नैतिक सवाल उठाए। 


सांसद पप्पू यादव (MP Pappu Yadav) ने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान संसद में राजनीतिक बिरादरी पर गंभीर नैतिक सवाल उठाते हुए दावा किया कियौन शोषण के मामलों और पोर्न (अश्लील केंटेंट) देखने की दौड़ में नेता सबसे आगे हैं।उनके इन बयानों के दौरान सदन में कई बार 'शेम-शेम' के नारे गूंजे।

पप्पू यादव ने सांसदों और नेताओं की छवि पर सीधा हमला करते हुए कुछ चौंकाने वाले दावे किए। उन्होंने दावा किया कि 755 सांसदों पर यौन शोषण के आरोप हैं और 155 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल है।


उन्होंने कहा कि भारत में यौन शोषण के मामलों में पहले नंबर पर नेता हैं, दूसरे पर बाबा और फिर पदाधिकारी आते हैं। हमाम में हम सब नंगे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गूगल पर सबसे ज्यादा पोर्न देखने की आदत भी नेताओं की ही है। सांसद ने समाज के विभिन्न वर्गों में महिलाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि सिनेमा, मीडिया और फैशन जैसे क्षेत्रों में 80% तक महिलाओं का शोषण होता है।


वहीं पप्पू यादव ने महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) का विरोध करते हुए इसे पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ एक साजिश करार दिया। कहा कि मनुवादियों ने कभी अहिल्या, कौशल्या या सावित्री बाई फुले का सम्मान नहीं किया। जिन्होंने महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक आजादी नहीं दी, आज वे आरक्षण की बात कर रहे हैं। उन्होंने मांग किया कि आरक्षण के भीतर ओबीसी (OBC), ईबीसी (EBC), दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित किया जाना चाहिए।