Bihar News : मुजफ्फरपुर में बाबा खगेश्वर नाथ मंदिर में ASI ने शिवभक्त पर बरसाए थप्पड़, वीडियो वायरल होने के बाद हुआ तबादला

Bihar News : मुजफ्फरपुर के बाबा खगेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक करने पहुंचे शिव भक्त की पुलिस द्वारा सरेआम पिटाई किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जिसके बाद.....

Bihar News : मुजफ्फरपुर में बाबा खगेश्वर नाथ मंदिर में ASI न
शिवभक्त पर थप्पड़ - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : सावन महीने में जहां एक ओर शिवभक्त कठिन परिश्रम कर दूर-दूर से बाबा के दरबार में जलाभिषेक करने पहुंचते हैं और जिला प्रशासन एवं पुलिस को उनकी सेवा व सुरक्षा में तैनात किया जाता है, वहीं मुजफ्फरपुर से पुलिस की संवेदनहीनता का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बंदरा प्रखंड के हत्था ओपी थाना क्षेत्र स्थित प्राचीन बाबा खगेश्वर नाथ मंदिर परिसर में ड्यूटी पर तैनात एक एएसआई (ASI) ने एक शिवभक्त की सरेआम पिटाई कर दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

घटना सोमवार की बताई जा रही है, जब बाबा खगेश्वर नाथ मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए उमड़े थे। मंदिर परिसर में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हत्था ओपी थाने में तैनात एएसआई राजीव कुमार की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर एएसआई आपा खो बैठे और उन्होंने एक शिवभक्त पर ताबड़तोड़ थप्पड़ों की बौछार कर दी। वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जिसके बाद वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल गया।

हजारों श्रद्धालुओं के सामने पुलिसकर्मी द्वारा शिवभक्त के साथ की गई इस बर्बरता के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। सवाल यह उठ रहा है कि जिन पुलिसकर्मियों को शिवभक्तों की सहायता और सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था, वे ही भक्तों पर लात-घूंसे और थप्पड़ बरसा रहे हैं।

मामला वरीय अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद आनन-फानन में आरोपी एएसआई राजीव कुमार को हत्था ओपी से हटाकर ट्रैफिक विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया है। हालांकि, पुलिस महकमे की इस कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि सिर्फ विभाग बदलने या ट्रांसफर करने से कार्रवाई की महज खानापूर्ति की गई है। सवाल यह उठाया जा रहा है कि जब घटना का वीडियो स्पष्ट है, तो आरोपी पुलिस अधिकारी पर विभागीय जांच बैठाकर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

मणिभूषण की रिपोर्ट