कुख्यात अपराधियों पर बड़ा एक्शन: 22 अपराधियों की जमानत निरस्त कराने न्यायालय को प्रस्ताव भेज रही पुलिस

कुख्यात अपराधियों पर बड़ा एक्शन: 22 अपराधियों की जमानत निरस्
कुख्यात अपराधियों पर पुलिस का बड़ा एक्शन:- फोटो : मणिभूषण

Muzaffarpur : प्रदेश में लगातार हो रहे आपराधिक वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय और तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा के निर्देश पर मुजफ्फरपुर पुलिस कप्तान कांतेश कुमार मिश्रा एक्शन मोड में आ गए हैं। हाल ही में जेल से बाहर आकर फिर से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने वाले शहर के 22 कुख्यात अपराधियों को चिन्हित किया गया है। पुलिस अब इन सभी अपराधियों की जमानत रद्द (बेल कैंसिल) कराने के लिए न्यायालय को प्रस्ताव भेज रही है।


जमानत मिलते ही फिर अपराध में संलिप्त हुए अपराधी

पुलिस समीक्षा में यह बात सामने आई है कि बड़े और जघन्य आपराधिक मामलों में जेल गए कई कुख्यात अपराधी हाल ही के दिनों में न्यायालय से जमानत मिलने के बाद बाहर आए थे। हालांकि, बाहर आने के बाद उन्होंने सुधरने के बजाय दोबारा संगीन आपराधिक वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। इसी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर वापस जेल की सलाखों के पीछे भेजने की कवायद शुरू कर दी है।


नगर पुलिस ने दो अपराधियों की जमानत रद्द करने का भेजा प्रस्ताव

प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत सबसे पहले नगर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो चिन्हित कुख्यात अपराधियों की जमानत निरस्त करने का औपचारिक प्रस्ताव न्यायालय को भेज दिया है। शेष 20 अन्य कुख्यात अपराधियों के खिलाफ भी कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिनका प्रस्ताव भी बहुत जल्द सक्षम न्यायालय में दाखिल कर दिया जाएगा।


एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा का बड़ा बयान

मामले की जानकारी देते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि डीआईजी महोदय और पुलिस मुख्यालय के स्पष्ट निर्देशों के आलोक में 22 ऐसे गंभीर अपराधियों की सूची तैयार की गई है, जो जमानत मिलने के बाद फिर से अपराध में शामिल पाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर थाने से दो प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं और बाकी 20 अपराधियों की जमानत निरस्त कराने हेतु शीघ्र ही न्यायालय में आवेदन दाखिल किया जाएगा।


अपराधियों में हड़कंप, सख्त संदेश देने की तैयारी

मुजफ्फरपुर पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से जिले के पेशेवर अपराधियों और उनके गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का मानना है कि बार-बार अपराध करने वाले तत्वों की जमानत रद्द होने से न सिर्फ शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर होगी, बल्कि आपराधिक वारदातों पर भी नकेल कसी जा सकेगी।


मणिभूषण की रिपोर्ट