Bihar Politics: 30 साल बाद बदला 'छात्र राजद' का नाम, नए नाम के साथ नई शुरुआत, तेजस्वी ने किया ऐलान
Bihar Politics: करीब 30 सालों के बाद छात्र राजद का नाम बदला गया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने नए नाम का ऐलान किया है। माना जा रहा है अब इसका नेतृत्व तेजस्वी ही करेंगे।
Bihar Politics: बिहार में एक ओर जहां नए सीएम को लेकर बैठकों का दौर जारी है। तो वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने करीब 30 सालों के बाद छात्र राजद का नाम बदल दिया है। तेजस्वी यादव ने छात्र संगठन को नया स्वरूप देने का फैसला लिया है। अब ‘छात्र राजद’ का नाम बदलकर सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SSAI) रखा गया है।
छात्र राजद का नाम बदला
इस नए नाम और लोगो की औपचारिक घोषणा पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को कर दिया है। बता दें कि, करीब 30 साल पहले 5 जुलाई 1997 को स्थापित राजद के छात्र संगठन में यह बड़ा बदलाव किया गया है। इससे पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव ने 6 मार्च को छात्र राजद की बिहार कमेटी को भंग कर दिया था। इसके बाद नए नाम और ढांचे को लेकर मंथन जारी था, जिसे अब अंतिम मंजूरी मिल गई है।
जानिए क्यों बदला गया नाम
बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के 2006 के निर्देशों के अनुसार किसी भी छात्र संगठन का नाम सीधे किसी राजनीतिक दल के नाम पर नहीं रखा जा सकता। इसी के तहत ‘छात्र राजद’ का नाम बदलकर SSAI किया गया है। गौरतलब हो कि राजद की रणनीति है कि नए नाम के जरिए विश्वविद्यालय परिसरों में अपनी मजबूत पकड़ बनाई जाए, ठीक उसी तरह जैसे भाजपा के लिए एबीवीपी, सीपीआई के लिए एआईएसएफ, सीपीएम के लिए एसएफआई और माले के लिए आईसा सक्रिय हैं।
तेजस्वी करेंगे नेतृत्व
इससे बिहार के साथ-साथ यूपी, दिल्ली समेत अन्य राज्यों में संगठन के विस्तार की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी यादव अब अपने नेतृत्व में नई टीम तैयार करना चाहते हैं। पहले छात्र संगठन की गतिविधियों में तेज प्रताप यादव का प्रभाव माना जाता था, लेकिन अब पार्टी नए ढांचे और नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है। कुल मिलाकर, छात्र राजद का नाम बदलकर SSAI करना पार्टी के लिए एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में कैंपस राजनीति और पार्टी के विस्तार पर देखने को मिल सकता है।
पटना से रंजन की रिपोर्ट