पटना में कई लूट के अंजाम दे चुका चोखा गैंग चढ़े पुलिस के हत्थे, मास्टरमाइंड सहित पांच गिरफ्तार, हथियार जब्त

पटना पुलिस ने पालीगंज और पिपरावां इलाके में आतंक का पर्याय बने 'चोखा गैंग' का पर्दाफाश किया है। मास्टरमाइंड आरव सिंह समेत 5 लुटेरे गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार और लूट के पैसे बरामद।

पटना में कई लूट के अंजाम दे चुका चोखा गैंग चढ़े  पुलिस के हत

Patna - पटना पुलिस ने जिले के पालीगंज अनुमंडल और पिपरावां थाना क्षेत्र में पिछले पखवाड़े से सक्रिय एक शातिर लुटेरा गिरोह को दबोचकर बड़ी कामयाबी हासिल की है। यह गिरोह पिस्तौल की नोक पर सीएसपी संचालकों और राहगीरों को अपना निशाना बना रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड आरव सिंह उर्फ चोखा सहित कुल पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने हाल के दिनों में लूट की चार बड़ी वारदातों को अंजाम देकर इलाके में दहशत फैला रखी थी।

एसआईटी (SIT) की जाल में फंसे शातिर लुटेरे

लगातार हो रही लूट की घटनाओं को चुनौती मानते हुए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। इस टीम में एसडीपीओ फुलवारी-2 और एसडीपीओ पालीगंज-1 के नेतृत्व में आधा दर्जन थानों की पुलिस और तकनीकी सेल को शामिल किया गया। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से गिरोह की घेराबंदी की और अंततः पिपरावां, विक्रम और पालीगंज में लूटपाट करने वाले इस संगठित गिरोह के सभी सदस्यों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

मास्टरमाइंड आरव सिंह और उसके चार साथी गिरफ्तार

पुलिस की गिरफ्त में आए अपराधियों में गिरोह का सरगना आरव सिंह उर्फ चोखा शामिल है, जो बेहद शातिर तरीके से शिकार की रेकी करता था। उसके साथ रविशंकर उर्फ श्रीधर, हरिकांत कुमार, राकेश कुमार (सभी पालीगंज निवासी) और बिहटा का रहने वाला रोशन कुमार पकड़े गए हैं। यह गिरोह इतना बेखौफ था कि विरोध करने पर किसी की जान लेने से भी परहेज नहीं करता था। पुलिस ने इनके पास से लूट के दो लाख रुपये से अधिक की नकदी और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिलें भी बरामद कर ली हैं।

आधुनिक हथियारों का जखीरा और 'सॉफ्ट टारगेट' पर नजर

इस गिरोह की सबसे चौंकाने वाली बात इनके पास मौजूद हथियारों की गुणवत्ता है। पुलिस ने इनके पास से 2 आधुनिक विदेशी पिस्तौल, 1 देसी कट्टा, 16 जिंदा कारतूस और खोखा बरामद किया है। पूछताछ में पता चला है कि लुटेरों ने करीब 50 हजार रुपये खर्च करके बाहर से आधुनिक हथियार मंगाए थे। इनका मुख्य लक्ष्य सीएसपी (ग्राहक सेवा केंद्र) संचालक और पेट्रोल पंप कर्मी होते थे, जिनसे इन्होंने हाल ही में लाखों रुपये की लूट की थी।

स्पीडी ट्रायल के जरिए सजा दिलाने की तैयारी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि इस गिरोह के पास से नोट गिनने वाली मशीन, 25 पासबुक, चेकबुक और लैपटॉप जैसे सामान भी मिले हैं, जो सीएसपी संचालकों से लूटे गए थे। पुलिस अब इन अपराधियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल (त्वरित विचारण) चलाने की प्रक्रिया शुरू कर रही है ताकि इन्हें जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जा सके। इसके अलावा, उन नेटवर्क की भी तलाश की जा रही है जो इन लुटेरों को अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे।

रिपोर्ट - अनिल कुमार