Patna Property Tax: पटना में प्रॉपर्टी टैक्स का नया नियम,30 जून तक चूक गए तो सीधा जुर्माना, क्या है सेल्फ असेसमेंट और क्यों जरूरी?जान लीजिए
Patna Property Tax: पटना में अब टैक्स का नया डिजिटल खेल पारदर्शिता के नाम पर सख्ती की नई कहानी लिखने जा रहा है।
Patna Property Tax: पटना की गलियों में इन दिनों एक नया सिस्टम चर्चा में है, जिसमें कागज़ों का खेल और डिजिटल दस्तावेज़ों की बाज़ी साथ-साथ चल रही है। पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रॉपर्टी टैक्स का सेल्फ असेसमेंट शुरू कर दिया है। अब मालिकों को खुद ही अपनी संपत्ति का पूरा हिसाब देना होगा वरना समझिए मामला सीधा जुर्माने की फाइल में पहुंच सकता है।
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि जो भी नया मकान, जमीन या फ्लैट खरीदा गया है, उसका 30 दिनों के भीतर सेल्फ असेसमेंट कराना जरूरी है। अगर किसी ने इस नियम को हल्के में लिया, तो आवासीय संपत्ति पर 2,000 रुपये और गैर-आवासीय पर 5,000 रुपये का फाइन लगेगा। अंदरखाने की भाषा में कहें तो डील क्लियर नहीं, तो पेनाल्टी पक्की।
इतना ही नहीं, अगर किसी ने अपने घर को दुकान बना दिया या दुकान को घर दिखाकर टैक्स से बचने की कोशिश की, तो मामला और गंभीर हो जाएगा। ऐसे मामलों में 100 फीसदी पेनाल्टी के साथ वसूली होगी यानी डबल मार। नई निर्माण गतिविधि होने पर भी दोबारा असेसमेंट अनिवार्य है।
डिजिटल मोर्चे पर भी पूरा इंतजाम है। पोर्टल पर लॉग-इन करके मालिकों को अपनी डिटेल्स, लोकेशन, एरिया, सड़क की कैटेगरी जैसी जानकारी भरनी होगी। साथ ही आधार, वोटर आईडी, सेल डीड, बिजली बिल और जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करनी होगी। फॉर्म जमा होते ही SAS नंबर मिलेगा, जिससे टैक्स पेमेंट किया जा सकेगा। इसके बाद राजस्व अधिकारी फील्ड में आकर ग्राउंड वेरिफिकेशन करेंगे और PID नंबर जारी होगा।
निगम अब बिजली कनेक्शन के आधार पर पूरे शहर की करीब 3.06 लाख संपत्तियों का सर्वे करने जा रहा है। मतलब साफ है जिसने भी पहले गलत जानकारी देकर ‘खेल’ किया है, उसकी फाइल अब खुल सकती है। निगम की नजर में हर वो केस है, जहां डेटा मैच नहीं करता।
हालांकि, जो लोग 30 जून से पहले एकमुश्त टैक्स जमा करेंगे, उन्हें 5 फीसदी की छूट मिलेगी इसे सिस्टम का क्लीन एग्जिट ऑफर कहा जा सकता है। कुल मिलाकर, पटना में अब टैक्स का यह नया डिजिटल खेल पारदर्शिता के नाम पर सख्ती की नई कहानी लिख रहा है।