पटना समेत विभिन्न जिलों में दुर्गापूजा और विजयादशमी की तैयारियां तेज: पटना, कैमूर और गया में प्रशासनिक हाई-अलर्ट, शांति समितियों के साथ बैठक

दुर्गापूजा और विजयदशमी को सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर राजधानी पटना समेत विभिन्न जिलों में प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। डीएम-एसपी द्वारा पूजा स्थलों और शहर में सुरक्षा व्यवस्था का खुद जायजा लिया जा रहा है.....

पटना समेत विभिन्न जिलों में दुर्गापूजा और विजयादशमी की तैयार
दुर्गापूजा और विजयादशमी को लेकर प्रशासन अलर्ट- फोटो : रंजीत कुमार

Patna : दुर्गापूजा और विजयदशमी को सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर राजधानी पटना समेत विभिन्न जिलों में प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। राजधानी पटना के मसौढ़ी थानांतर्गत आगामी दुर्गा पूजा और विजयादशमी पर्व को पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) पटना, सुश्री शैलजा की उपस्थिति में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पूजा समिति के सदस्यों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद पूर्वी एसपी ने मसौढ़ी थाना क्षेत्र के गांधी मैदान स्थित रामलीला आयोजन स्थल का भौतिक निरीक्षण किया और वहां चल रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्व के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सुदृढ़ यातायात नियंत्रण, प्रभावी भीड़-प्रबंधन और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।


कैमूर के मोहनिया में डीएम और एसपी ने पूजा पंडालों, रावण दहन और विसर्जन स्थलों का किया जायजा

कैमूर जिले के मोहनिया में भी दुर्गापूजा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से विभिन्न पूजा पंडालों, रावण दहन स्थल और प्रतिमा विसर्जन स्थलों का मैराथन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने और भीड़ नियंत्रण को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। प्रमुख चौक-चौराहों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ, शाम के समय संभावित भीड़ को देखते हुए मोहनिया-रामगढ़ और भभुआ-मोहनिया मार्ग पर रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र, पर्याप्त रोशनी और महिला सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन स्थल पर गोताखोरों, बैरिकेडिंग और प्रकाश व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।


गयाजी में डीएम शशांक शुभंकर और एसएसपी सुशील कुमार ने की उच्चस्तरीय बैठक, सख्त दिशा-निर्देश जारी

गयाजी जिले में आगामी सप्तमी (17 अक्टूबर) से लेकर विजयदशमी (20 अक्टूबर) तक के पर्व को शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे के माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर एवं वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) सुशील कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तर पर पूजा समितियों और शांति समिति के सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। डीएम ने पितृपक्ष मेले के सफल आयोजन के लिए सभी की सराहना करते हुए कहा कि दुर्गा पूजा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाला पर्व है। उन्होंने निर्देश दिया कि संकीर्ण रास्तों पर कोई पूजा पंडाल न बनाया जाए, बिना प्रशासन की अनुमति के कोई मेला या झूला संचालित न हो, और प्रतिमा विसर्जन के रास्तों पर लटके हुए ढीले तारों (लूज वायर) को तुरंत दुरुस्त किया जाए।


रावण दहन और पंडालों में भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर, डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी पूजा पंडालों में प्रवेश (Entry) और निकास (Exit) के लिए अलग-अलग रास्ते, मजबूत बैरिकेडिंग, पर्याप्त वालंटियर्स, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से होने चाहिए। बिना लाइसेंस के एक भी मूर्ति स्थापित नहीं की जाएगी और लाइसेंस के साथ समिति के 10 सदस्यों का नाम देना अनिवार्य होगा। वहीं, एसएसपी सुशील कुमार ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि हुड़दंगबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और क्षेत्र में डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साइबर सेल को 24 घंटे एक्टिवेट किया गया है, तथा सोशल मीडिया या व्हाट्सएप ग्रुपों पर आपत्तिजनक सामग्री या अफवाह फैलाने पर ग्रुप एडमिन के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


रंजीत की रिपोर्ट