सरदार पटेल की 150वीं जयंती: बिहार के थानों से लेकर राजधानी तक अक्टूबर 2026 तक मनेगा राष्ट्रीय एकता का पर्व
गृह मंत्रालय के निर्देश पर बिहार सरकार सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को यादगार बनाने जा रही है । इसके तहत राज्य के हर पुलिस स्टेशन, ब्लॉक और जिले में एकता शपथ, 'रन फॉर यूनिटी' और फोटो प्रदर्शनियों जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा
Patna - बिहार सरकार ने भारत के 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार, राज्य में अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 तक एक वर्ष की लंबी अवधि के लिए विविध देशभक्ति कार्यक्रमों का कैलेंडर जारी किया गया है, जिसकी शुरुआत पुलिस थानों से लेकर राज्य के सर्वोच्च स्तर तक की जाएगी.
वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों का प्रशासनिक निर्देश
बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और सचिवों को कड़ा निर्देश जारी किया है. इस योजना के तहत सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है. सरकार के संयुक्त सचिव महेंद्र प्रसाद यादव द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इन कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट और प्रस्तावित गतिविधियों की विवरणी जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें गृह मंत्रालय, भारत सरकार को भेजा जा सके.
एकता दिवस और भव्य कार्यक्रमों का आगाज
उत्सव का मुख्य आधार 31 अक्टूबर 2025 को 'एकता दिवस' के रूप में रखा गया है. इस दिन राज्य के सभी थानों और सरकारी संस्थानों में 'एकता शपथ' ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा. इसके साथ ही पुलिस बलों द्वारा मार्च पास्ट, आम जनता के लिए 'रन फॉर यूनिटी' और स्कूलों में महापुरुष के जीवन पर आधारित फोटो प्रदर्शनियों का आयोजन होगा. "एकता वृक्ष" अभियान के तहत राज्यभर में वृक्षारोपण भी किया जाएगा.
युवाओं, किसानों और खेल प्रेमियों के लिए विशेष कैलेंडर
कार्यक्रमों को महीनेवार तरीके से बेहद रोचक बनाया गया है। नवंबर 2025 में स्कूलों में निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं होंगी, जबकि दिसंबर में ब्लॉक स्तर पर कबड्डी और कुश्ती जैसे 'एकता खेल' आयोजित किए जाएंगे. जनवरी 2026 में किसानों के लिए 'किसान सम्मेलन' का आयोजन होगा, जिसमें सरदार पटेल के कृषि सुधारों पर चर्चा की जाएगी. इसके अलावा, ग्रामीण युवाओं के लिए एकता शिविर और बाजारों में डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग की भी योजना है.
सांस्कृतिक मेलजोल और डिजिटल कनेक्टिविटी
फरवरी से जून 2026 के बीच विरासत स्थलों की सफाई, साइक्लोथॉन और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान मालाएं आयोजित की जाएंगी. अप्रैल में सांस्कृतिक उत्सवों के जरिए 'एकता में विविधता' का संदेश दिया जाएगा. विशेष रूप से, छात्रों के लिए 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की डिजिटल और वीआर (VR) सैर का आयोजन किया जाएगा ताकि वे घर बैठे इस महान स्मारक की भव्यता देख सकें
समापन समारोह और ऐतिहासिक शोध का प्रकाशन
इस एक वर्षीय उत्सव का समापन अक्टूबर 2026 में राज्य स्तरीय भव्य परेड के साथ होगा. इस दौरान राज्य के स्कूली बच्चे "हमारे राज्य में पटेल" विषय पर शोध पुस्तिकाएं तैयार करेंगे. गृह मंत्री अमित शाह और गृह सचिव गोविंद मोहन ने राज्यों को भेजे अपने पत्रों में जोर दिया है कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर एक जन-भागीदारी वाला उत्सव बनना चाहिए, जो राष्ट्र की अखंडता को नई ऊर्जा दे सके.