Bihar Cyber fraud: साइबर फंडिंग के बड़े धंधे का भंडाफोड़, पिता-पुत्र ने विदेश भेजे 101 करोड़, बरामद हुए विदेशी करेंसी, रोलेक्स घड़ियां व 98 आधार कार्ड

Bihar Cyber fraud:पुलिस ने साइबर अपराधियों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। ...

Bihar Cyber fraud
साइबर फंडिंग का के बड़े धंधे का भंडाफोड़- फोटो : reporter

Bihar Cyber fraud: मोतीहारी पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस की सूचना पर घोड़ासहन बाजार के वीरता चौक में छापेमारी कर साइबर अपराधियों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने पिता-पुत्र द्वारा संचालित साइबर कैफे और उनके घर से विदेशी करेंसी, पांच रोलेक्स घड़ियां, 98 आधार कार्ड, 16 वोटर आईडी, 8 ड्राइविंग लाइसेंस, 5 श्रम कार्ड, कई पासबुक, चेकबुक और खाता-बही समेत भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए।

पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि इस पिता-पुत्र ने 101 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विदेश भेजी। ये ट्रांजैक्शन पांच भारतीय और एक नेपाली बाइनेंस आईडी के जरिए किए गए थे। सबसे ज्यादा लेन-देन बेटे गोलू कुमार की आईडी से हुआ, जबकि दूसरी बड़ी राशि पिता भूषण चौधरी की आईडी से भेजी गई। नेपाल वाले अकाउंट की जानकारी के लिए बाइनेंस से डाटा मांगा गया है।

यूपी के विकास कुमार द्वारा दर्ज साइबर ठगी केस की जांच के दौरान यह रैकेट सामने आया। पुलिस ने पहले नवादा जिले से पांच आरोपियों को पकड़ा। इन्हीं से मिले सुराग के बाद घोड़ासहन के साइबर कैफे संचालक गोलू कुमार और उसके पिता भूषण चौधरी को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में गोलू ने खुलासा किया कि वह दो साल से कैफे और जनसेवा केंद्र की आड़ में यह गोरखधंधा कर रहा था। शुरू में उसने क्रिप्टोकरेंसी और बाइनेंस आईडी के जरिए छोटे लेन-देन किए, लेकिन देखते ही देखते नेटवर्क फैल गया और करोड़ों रुपये की हेराफेरी शुरू हो गई।

मोतीहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि छापेमारी में भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज और लेन-देन का रिकॉर्ड जब्त हुआ है। खाता-बही में करोड़ों रुपये के लेन-देन का उल्लेख मिला है। भूषण और गोलू को यूपी पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। अब इन्हें रिमांड पर लेकर और पूछताछ होगी।

इस रैकेट में शामिल एक और फरार आरोपी आलोक कुमार की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क के तार कई राज्यों और नेपाल तक फैले हो सकते हैं।

मोतीहारी पुलिस लगातार साइबर अपराधियों पर शिकंजा कस रही है। एसपी ने साफ कहा है कि जिले में किसी भी कीमत पर ऐसे नेटवर्क को पनपने नहीं दिया जाएगा। बरामद दस्तावेजों और लेन-देन की जांच जारी है, और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य चेहरों का भी पर्दाफाश होगा।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार