साउथ बिहार एक्सप्रेस के विस्तार की तैयारी; बक्सर से सीधे जुड़ेंगे रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे औद्योगिक शहर

सांसद विद्युत वरण महतो ने साउथ बिहार एक्सप्रेस को बक्सर तक बढ़ाने की मांग की है। इससे बिहार का छत्तीसगढ़ और झारखंड के औद्योगिक शहरों से सीधा संपर्क बढ़ेगा, हालांकि स्टेशन पर स्टाफ की कमी एक बड़ी चुनौती है।

साउथ बिहार एक्सप्रेस के विस्तार की तैयारी; बक्सर से सीधे जुड़

N4N Desk - जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने रांची और चक्रधरपुर रेल मंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए 13287/88 साउथ बिहार एक्सप्रेस को बक्सर तक विस्तारित करने का आधिकारिक अनुरोध किया है। सांसद के प्रयासों से ही इससे पहले टाटानगर-दानापुर एक्सप्रेस को बक्सर तक विस्तार मिला था, जिससे क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत मिली थी। इससे पहले साउथ बिहार को पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल से चलाया जा रहा था।  लेकिन फिर इसका विस्तार आरा जंक्शन तक कर दिया गया।

औद्योगिक शहरों से सीधा जुड़ाव

साउथ बिहार एक्सप्रेस का विस्तार होने से बक्सर और आसपास के इलाकों का सीधा संपर्क छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों जैसे बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग से हो जाएगा। इसके अलावा झारखंड के प्रमुख शहरों के साथ जुड़ाव मजबूत होने से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

वंदे भारत एक्सप्रेस को बक्सर से चलाने की मांग

क्षेत्र के निवासियों और व्यापारियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए रांची-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन बक्सर होकर चलाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। वर्तमान में बक्सर से जमशेदपुर के लिए केवल एक दैनिक ट्रेन (18184 बक्सर-टाटा एक्सप्रेस) उपलब्ध है, जो बढ़ते यात्री दबाव के मुकाबले नाकाफी साबित हो रही है।

देरी और संसाधनों की कमी बनी बड़ी बाधा

रेलवे की इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के सामने कुछ गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी चुनौतियां भी हैं। बक्सर-टाटानगर एक्सप्रेस के परिचालन में लगातार देरी की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा होती है। बक्सर रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों की भारी कमी है। यहाँ स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल आधे स्टेशन मास्टर ही कार्यरत हैं। मात्र कुछ स्टेशन मास्टरों के भरोसे प्रतिदिन 75 जोड़ी ट्रेनों का संचालन करना पड़ रहा है, जिससे सुरक्षा और समयबद्धता दोनों प्रभावित हो रही हैं।

आर्थिक और सामाजिक महत्व

बक्सर से जमशेदपुर, रांची और बोकारो जैसे शहरों के लिए बेहतर रेल सेवाओं की मांग काफी पुरानी है। यहाँ बड़ी संख्या में प्रवासी और व्यापारी रहते हैं जिनकी आजीविका झारखंड के शहरों से जुड़ी है। साउथ बिहार एक्सप्रेस का बक्सर तक विस्तार इन प्रवासियों और स्थानीय निवासियों के लिए एक 'लाइफलाइन' साबित हो सकता है।