25 साल के बाद हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से अवैध कब्जा हटाने में मिली कामयाबी, निराश होकर जाने को मजबूर हो गए दर्जनों परिवार

25 साल के बाद हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से अवैध कब्जा हटाने में मिली कामयाबी, निराश होकर जाने को मजबूर हो गए दर्जनों परिवार

CHHARPA : करीब 25 सालों से अवैध रूप से हाउसिंग बोर्ड के जर्जर आवास पर कब्जा जमाए 50 से अधिक परिवारों से जिला प्रशासन ने कब्जा मुक्त कराया। प्रशासन ने जर्जर आवास को खाली करने के लिए इसके पहले कई बार अल्टीमेटम दिया था। 25 जून से लगातार प्रशासन कब्जा जमाए लोगों को सूचना दे रही थी। चेतावनी दी जा रही थी ताकि वे जल्द से जल्द अवैध कब्जे को खाली कर सकें । जब प्रशासन के चेतावनी के बाद भी लोगों ने खाली नहीं किया तो मंगलवार को सीओ सदर दल बल के साथ हाउसिंग कॉलोनी में पहुंचे और एक एक कर सभी कमरों को खाली कराया। 

मालूम हो कि प्रभुनाथ नगर स्थित हाउसिंग कॉलोनी काफी जर्जर हो चुकी है और उसमें कभी भी कोई बड़ी हादसा हो सकती है । बावजूद लोग उस में रह रहे थे कुछ वैध रूप से तो कुछ अवैध रूप से । पर प्रशासन को इस बात को लेकर डर था कि कहीं कोई बड़ी हादसा हो जाएगी तो फिर प्रशासन के सिर पर ही ठिकरा फोड़ा जाएगा। ऐसे में जिला प्रशासन ने हाउसिंग बोर्ड के आदेश पर इसे खाली कराने का निर्णय लिया। इसके पहले भी कई बार प्रयास हो चुके हैं लेकिन प्रशासन सफल नहीं रहा था पर इस बार सफल होता दिख रहा है।

सवाल इतने साल तक रहने के बाद प्रशासन ने इन परिवार के लिए कोई व्यवस्था नहीं की

ढाई दशक का समय कम नहीं होता है। लोग हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनी के मकानों पर अवैध कब्जा बनाकर रहते रहे। इतने सालों में आखिर प्रशासन को कामयाबी क्यों नहीं मिला उन आवासों को खाली कराने में. अब जब इन परिवारों से 25 साल बाद छत छीन लिया तो उनके रहने के लिए क्या व्यवस्था की गई। सरकार के नियमों के अनुसार ऐसे परिवारों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का प्रावधान है।

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