पुलिस के नया कानून f.i.r. नहीं किया जाएगा, विधिवत कार्रवाई की जाएगी, फिर भी तीन दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की

 पुलिस के नया कानून f.i.r. नहीं किया जाएगा, विधिवत कार्रवाई की जाएगी, फिर भी तीन दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की

SUPAUL : एक ओर पुलिस महानिदेशक  कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए सख्त रवैया अख्तियार किए हुए हैं। लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी कर रहे हैं। बावजूद सुपौल के जदिया पुलिस का रवैया सुधर नहीं रहा। लापरवाही का ताजा मामला  जदिया थाना से जुड़ा है. थाना प्रभारी राजेश कुमार चौधरी का नया कानून लांच किया है। थाना प्रभारी कहते हैं.fir नही होगा विधिवत कार्रवाई की जाएगी.  लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

 मामला कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत से आ रही है. जहां वर्तमान मुखिया रामानंद यादव स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन करने में धांधली को लेकर एवं मोटी रकम की मांग करने को लेकर स्वच्छता पर्यवेक्षक पद के अभ्यर्थियों ने अनुमंडल पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी को मुखिया के खिलाफ बीते दिनों आवेदन दिया था। आवेदन के उपरांत त्रिवेणीगंज प्रखंड विकास पदाधिकारी ने जांच टीम गठित किया था. इसी आक्रोश में वर्तमान मुखिया रमान्द यादव की दो पुत्र मनीष यादव, अंकित यादव सहित पांच अन्य अपराधियों को लेकर दिन के करीब 8 बजे सुबह आवेदन कर्ता के घर पहुंच गए. उनके बाॅउडरी तरफ घर अंदर घुस गए और गाली गलोज कर एवं घर की सारी समान को छितर वितर कर दिया.उनके घर में जो भी पैसा था सभी अपराधियों ले लिया। धमकी भी  दिया आवेदन वापस लो नही तो तुम्हारे भाई को जान से मार देंगे। इतना बात सुनते हुए। मेरा भाई जान बचाकर घर से भाग निकले। वह सभी अपराधी मेरा भाई को काफी खोज बीन करने लगा .मेरा भाई नही मिलने पर वह सभी अपराधियों ने जाते- जाते कहा तुम्हारा भाई अभी नही है तो रात में कहा जाएगा। कुख्यात अपराधी कोई मामूली नहीं था वह अंतर जिले गिरोह के सदस्य थे. जिसको कई थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था. जेल निकले कुछ ही दिन हुए हैं उनका पहचान भी कर लिया। उन अपराधी का नाम था रूपेश कुमार उर्फ (कनझरका) पिता केसरी यादव जो कोरियापट्टी पश्चिम के परवाहा  निवासी हैं. मुखिया के बेटे के साथ साथ रहते हैं.हैरानी की बात यह है कि जिस समय घटना घट रही थी. उस समय जदिया पुलिस को फोन किया।

हालांकि जदिया थाना मेरे घर से महज 6 किलोमीटर की दूरी है. बाबजूद एक घंटे बाद पुलिस पहुचे। तब तक में सभी अपराधी निकल चुके थे.पीड़ित ने पुलिस के साथ थाने पहुंच कर आवेद दिया। लेकिन घटना को तीन रोज बीत जाने के बाद भी न तो कांड संख्या दर्ज हुआ नाही कोई गिरफ्तारी हुई। इस घटनाओ को लेकर  सुपौल एसपी डी अमरकेश कुमार को भी दूरभाष पर जानकारी दिया । लेकिन कोई असर नही हुआ।

 पीड़ित ने आरोप लगाया कि जदिया पुलिस की मिलीभगत यह घटना किया जा रहा था. जदिया पुलिस इन सभी से मोटी रकम ले रखे थे. इसलिए अभी तक कांड संख्या दर्ज नहीं हुआ ना कि कोई गिरफ्तारी हुआ है. इस घटना से हम लोग काफी डरे हुए हैं रात को अपने घर में नहीं सो पाते हमलोगों मात्र चार ही घर मुस्लिम है इससे पहले भी हमलोगों की घर में डकैती हुआ था. उन्होंने सहरसा डीआईजी   से अपील की है कि इस तरह की घटना को संज्ञान लिया जाए। जल्द  इन अपराधियों को गिरफ्तार किया जाए. ताकि हम लोग सुरक्षित रह सके और जानमाल सुरक्षित रहे।

 पीड़ित ने थाना प्रभारी पर भी कार्यवाही की मांग की है. इस मामले को लेकर थाना प्रभारी राजेश कुमार चौधरी से पूछा गया उन्होंने बताया कि एफ आई आर दर्ज नहीं होगा. विधिवत कार्रवाई की जाएगी.अब कौन सा विधिवत थाना प्रभारी  कार्रवाई करते हैं यह तो देखना होगा. पर इन घटनाओं को लेकर जदिया थाना प्रभारी पर कई  सवाल उठ रहे हैं. देखना दिलचस्प होगा कि डीआईजी कोसी और पुलिस अधीक्षक सुपौल इस मामले को लेकर किस तरह से संज्ञान ले रहे हैं कब तक     मुखिया के बेटे सहित अपराधियों को  गिरफ्तार कर पा रहे हैं .



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