धार्मिक उन्माद फैलाने नहीं बल्कि सीमांचल में प्रताड़ित और पीड़ित अल्पसंख्यक हिंदुओं का हाल जानने आ रहे हैं अमित शाह, बचौल का दावा

धार्मिक उन्माद फैलाने नहीं बल्कि सीमांचल में प्रताड़ित और पीड़ित अल्पसंख्यक हिंदुओं का हाल जानने आ रहे हैं अमित शाह, बचौल का दावा

पटना. भाजपा का कहना है कि गृह मंत्री अमित शाह धार्मिक उन्माद फैलाने बिहार के सीमांचल के जिलों में नहीं आ रहे हैं. यह कहना है कि भाजपा के फायरब्रांड नेता और विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल का. उन्होंने कहा कि सीमांचल के जिलों में हुई बेतहाशा जनसंख्या वृद्धि की जानकारी लेने अमित शाह आ रहे हैं. इससे अब तक इस इलाके में तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले राजनीतिक दलों की छटपटाहट हो रही है. बिहार में अमित शाह देखेंगे कि सीमांचल में जहां हिंदू अल्पसंख्यक हो गया है वहां के पिछड़ा, अति पिछड़ा और दलित किस स्थिति में रह रहे हैं. किस तरह से उन्हें धार्मिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है. सामाजिक आयोजनों में बाधा पहुंचाई जा रही है. किस तरीके से उन्हें प्रताड़ित और पीड़ित किया जा रहा है.

प्रतिद्वंद्वी दलों द्वारा अमित शाह के दौरे को लेकर तरह तरह की आशंका जताने पर बचौल ने कहा कि सीमांचल भारत का अंग है और भारत के इस प्रमुख हिस्से में अमित शाह रहे हैं. इससे अगर किसी के पेट में दर्द होता है तो होता रहे. भाजपा को इसकी चिंता नहीं है. शाह के दौरे से प्रतिद्वंद्वी दलों को डर लग रहा है क्योंकि वे अब तक हिंदुओं को जाति के नाम पर बांटते रहे और तुष्टीकरण के नाम पर मुसलमानों को बांटने का काम किया और उनका वोट लिया. लेकिन अब वह जमाना चला गया. अब जो काम करेगा वह राज करेगा.

उन्होंने कहा कि जिन्होंने देश को लूटा है, भ्रष्टाचारी है, परिवारवादी और जातिवादी है. उनको शाह के दौरे से डर लग रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लिए बिना कहा हम चुनौती देते हैं कि उन्होंने वर्ष 2005 से 2010 तक जो काम हुआ उसी की कमाई तक नीतीश कुमार खा रहे हैं. बिहार में मुख्यमंत्री आवास योजना, कबीर अंत्येष्टि योजना, गरीबों को विवाह में मिलने वाली ₹5000 की राशि सहित पेंशन आदि की योजनाओं जो वंचित है.

नीतीश कुमार के वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री बनने के सवाल पर कहा नीतीश कुमार के प्रधानमंत्री बनने का सपना कभी पूरा नहीं होगा. वे कुछ दिनों के बाद मुख्यमंत्री भी नहीं रहेंगे. बिहार में सुपर सीएम तेजस्वी यादव हैं. वे उप मुख्यमंत्री नहीं हैं बल्कि सुपर सीएम है. इसका सबूत है कि नीतीश कुमार दिल्ली जाने और आने के बाद किस तरह से लालू दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं. उसे स्पष्ट है कि नीतीश दरबारी हो चुके हैं और सुपर सीएम तेजस्वी यादव हैं. 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 23 और 24 सितम्बर को पूर्णिया में रहेंगे. सीमांचल में अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज लोकसभा सीटें है. इसमें पूर्णिया ही वह सीट है जहाँ सबसे कम करीब 30 फीसदी मुस्लिम वोटर है. इसके अलावा किशनगंज में करीब 67 प्रतिशत कटिहार में 38 प्रतिशत और अररिया में 32 प्रतिशत वोटर मुस्लिम हैं.


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