चुनाव में हार से बौखलाए बदमाशों ने मुखिया की कर दी हत्या, 63 दिन पहले हुआ था निर्वाचन, आक्रोशित लोगों ने पुलिस की गाड़ी को फूंका

चुनाव में हार से बौखलाए बदमाशों ने मुखिया की कर दी हत्या, 63 दिन पहले हुआ था निर्वाचन, आक्रोशित लोगों ने पुलिस की गाड़ी को  फूंका

JAMUI :  पंचायत चुनाव खत्म होने के करीब आ चुका है। लेकिन इस पंचायत चुनाव में कई हिंसक घटनाएं हो चुकी है। जिसमें कई प्रत्याशियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों या उनके परिवार के सदस्यों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। ताजा मामला जमुई के अलीगंज प्रखंड से जुड़ा है, जहां दरखा पंचायत नवनिर्वाचित मुखिया जय प्रकाश महतो को शुकवार की शाम पांच बजे बालडा मोड़ पर बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर गम्भीर रूप से जख्मी कर दिया। इलाज के लिए उनको नवादा ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मामले में मुखिया के परिजनों का कहना हा कि चुनावी रंजीश में उनकी हत्या की गई है। वहीं घटना से आक्रोशित दरखा पंचायत के ग्रामीणों ने जमुई-नवादा मुख्य सड़क मार्ग को दरखा मोड़ के समीप जाम कर दिया। इस दौरान सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस के दो वाहनों में ग्रामीणों ने आग लगा दी।  जिसमें कुछ पुलिस वाले घायल बताए जा रहे हैं। संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है। मौके पर पुलिस अधीक्षक प्रमोद मंडल भी पहुंचे। फिलहाल डीएसपी डॉ. राकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस घटनास्थल पर कैंप कर रही है। अभी भी स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन नियंत्रण में है।

मुखिया की हत्या को लेकर बताया गया कि अलीगंज प्रखंड के दरखा पंचायत के नवनिर्वाचित मुखिया जयप्रकाश प्रसाद उर्फ प्रकाश महतो को बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोली मार दी थी। घटना आज शाम पांच बजे की है। घटना के वक्त मुखिया जयप्रकाश प्रसाद अलीगंज के औलिया बाबा की पूजा में प्रसाद खाकर लौट रहे थे। इसी दौरान सिकंदरा मेन रोड पर बालडा मोड के शारदा होटल के पास यह वारदात हो गई। बदमाशों ने सीने, पेट तथा कमर के नीचे जांघ में कुल चार गोलियां मारी। घटना के बाद उनके समर्थक व परिजन पहले निजी अस्पताल ले गए। वहां से पटना रेफर कर दिया गया। पटना ले जाने के क्रम में हालत बिगड़ने पर नवादा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


बेटे ने बताया - बदमशों ने शपथ नहीं लेने की दी धमकी
 मृत मुखिया के बड़े बेटे रोहित महतो और छोटे बेटे सुजीत कुमार महतो ने कहा कि उनकी हत्या चुनावी रंजिश में हुई है। हम लोगों को सुनने को मिलता था कि मुखिया तो बन गया है, पर इसे शपथ नहीं लेने देंगे। हम लोग इस बात पर कभी ध्यान नहीं देते थे। हमारे पिताजी सीधे-साधे इंसान थे। वहीं हंगामे और आगजनी पर कहा कि हमें नवादा में फोन पर जानकारी मिली कि कुछ लोगों ने सड़क जाम कर पुलिस की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया है। गाड़ी में आग लगाने वाला हमारे गांव का कोई नहीं था। जो लोग पथराव और आगजनी किए हैं, सभी विरोधी दल के लोग थे और गोली भी वही लोग चलवाए हैं।

1 अक्टूबर को बने थे मुखिया

जयप्रकाश महतो 63 दिन पहले ही मुखिया निर्वाचित हुए थे। अलीगंज में 29 सितंबर 2021 को पंचायत चुनाव के लिए मतदान हुआ था। इसके बाद एक अक्टूबर को यहां के नतीजे आए थे, जिसमें जयप्रकाश प्रसाद जीते थे। अभी ठीक से मुखिया की जिम्मेदारी भी संभाल पाए थे कि उनकी हत्या हो गई।

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