औरंगाबाद कोर्ट ने दी दो गांजा तस्करों को दस साल की सजा, एक-एक लाख का लगाया जुर्माना

औरंगाबाद कोर्ट ने दी दो गांजा तस्करों को दस साल की सजा, एक-एक लाख का लगाया जुर्माना

AURANGABAD : औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1 सह  स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट के न्यायाधीश पंकज मिश्रा की अदालत ने गुरूवार को एनडीपीएस केस जीआर- 02/20 में त्वरित विचारण के तहत निर्णय पर सुनवाई की। जिसमें दो काराधीन अभियुक्तों-यूपी वे जौनपुर के शिवनगर निवासी शोभनाथ और जौनपुर के सोनखरी निवासी दिनेश यादव को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 एवं 25 में दोषी पाते हुए दस साल की सजा सुनाई। 

साथ ही दोनों को एक-एक लाख का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नही देने पर छः माह अतिरिक्त कारावास होगी। स्पेशल पीपी परवेज अख्तर ने बताया कि आज सज़ा के बिंदु पर भी सुनवाई मैंने अपना पक्ष रखते हुए इस घटना को समाज के लिए घातक व्यवसाय बताते हुए अधिकतम सज़ा की मांग की थी। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि बचाव पक्ष से अधिवक्ता अखिलेश पाठक ने कहा कि पहले जुर्म पर कम से कम सज़ा दी जाए। 

अधिवक्ता ने बताया कि अभियोजन की ओर से छः गवाही प्रस्तुत किया गया था। अभियुक्त घटना के समय से जेल में बंद हैं। पटना हाईकोर्ट ने भी इनका जमानत याचिका नामंजूर कर दिया था। स्पेशल पीपी परवेज अख्तर ने बताया कि 23 फरवरी 2020 को इन अभियुक्तों को  गुप्त सूचना पर तलाशी के दौरान उजला इंडिगो कार में रामाबांध के पास 27 किलो गांजा के साथ पकड़ा गया था, जो 14 पेकेट में थे। इस वाद के सूचक उत्पाद विभाग के अवर निरीक्षक रामविनय सिंह थे।

वहीँ औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के एडीजे सह स्पेशल पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश ब्रजेश कुमार पाठक की अदालत ने गुरुवार को महिला थाना कांड संख्या 25/21 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए एकमात्र काराधीन बंदी अभियुक्त देवकुंड थाना के बनतारा निवासी फरीद खान को पोक्सो एक्ट और भादंसं की धारा 376 में दोषी करार दिया। 

स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता ने बताया कि अभियुक्त को पटना हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिली थी। अभियुक्त को 21 नवंबर को सज़ा सुनाई जाएगी। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि प्राथमिकी नाबालिग पीड़िता की मां ने दर्ज कराते हुए 22 जुलाई 2021 को प्राथमिकी में कहा था कि अभियुक्त कई माह से यौन शोषण कर रहा था और किसी को बताने पर हत्या करने का धमकी देता था। मजबूर होकर न्याय के लिए आगे बढ़ी और कोर्ट द्वारा सज़ा के बिंदु पर सुनवाई की तिथि 21 नवंबर निश्चित की गई है।

औरंगाबाद से दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट

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