पटना भू-अर्जन दफ्तर में बड़ा खेल! आखिरकार DM ने 6 कर्मियों की प्रतिनियुक्ति खत्म किया,इधर... बिहटा में जमीन अधिग्रहण में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा की शिकायत

पटना भू-अर्जन दफ्तर में बड़ा खेल! आखिरकार DM ने 6 कर्मियों की प्रतिनियुक्ति खत्म किया,इधर... बिहटा में जमीन अधिग्रहण में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा की शिकायत

PATNA: बिहार में सारे कायदे-कानून सिर्फ दिखावे के लिए हैं। अफसर-कर्मी सारे नियम-कानून को तोड़ दिन-रात अवैध धंधे में लगे हैं। दूसरे जिले की बात छोड़िए पटना जहां सरकार बैठी है वहां का हाल तो और भी खराब है। पटना के भू-अर्जन कार्यालय में माफिया राज है। यहां जमीन अधिग्रहण में बड़ा खेल खेला जाता है।इस धंधे में बड़े लोग शामिल हैं. दफ्तर में पदस्थापित कर्मियों का ट्रांसफऱ भी होता है, फिर भी वे इस दफ्तर से जाना नहीं चाहते. दफ्तर में प्रतिनियुक्ति का खेल एक दशक से जारी है. जून 2020 में पटना के डीएम ने सभी प्रतिनियुक्त कर्मियों का स्थानांतरण भी किया. फिर भी 6 कर्मी प्रतिनियुक्ति पर बने रहे। न्यूज4नेशन ने जब खुलासा किया तो डीएम ने सभी 6 कर्मियों की प्रतिनियुक्ति को रद्द कर दिया. इधर, बिहटा जहां बड़े स्तर पर जमीन का अधिग्रहण हुआ है वहां गड़बड़ी की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों ने डीएम से लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव तक पत्र भेजकर कार्रवाई किये जाने की गुहार लगाई है।

पटना के भू-अर्जन कार्यालय में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की शिकायत मिल रही है। आरोप वहां के कर्मियों एवं अधिकारियों पर है। इस संबंध में दर्जन भर से अधिक लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता प्रकाश कुमार ने डीएम से शिकायत दर्ज कराई है कि बिहटा अंचल के थाना नंबर-51 मेगा औद्योगिक पार्क के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजा राशि भुगतान में जिला भू-अर्जन कार्यालय के द्वारा फर्जीवाड़ा किया गया है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारियों से वैसे पदाधिकारियों-कर्मियों को चिन्हित कर कार्रवाई की मांग की। नीरज कुमार ने भी बिहटा के सिकंदरपुर थाना नंबर-51 में मेगा औद्योगिक पार्क के लिए जमीन अधिग्रहण में भू-अर्जन कार्यालय द्वार फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके अलावे एक दर्जन से अधिक शिकायतकर्ता हैं जिन्होंने जमीन मुआवजा में फर्जीवाड़ा की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी है। लेकिन अब तक इस मामले में सरकार के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि भू-अर्जन कार्यालय इस तरह के आरोपों को खारिज कर रहा है।

इधऱ न्यूज4नेशन पर खबर चलने के बाद पटना के जिलाधिकारी ने 2 सितंबर को ही पटना भू-अर्जन कार्यालय में प्रतिनियुक्त 6 कर्मियों की प्रतिनियुक्ति आदेश को रद्द कर दिया है। डीएम के आदेश में कहा गया है कि 12 जून 2021 को पटना जिला अंतर्गत 6 लिपिकों को जिला भू-अर्जन कार्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया था। प्रशासनिक दृष्टिकोण से उस आदेश को रद्द किया जाता है। साथ ही सभी लिपिकों को पदस्थापन कार्य़ालय में योगदान का आदेश दिया जाता है। जिन लिपिकों का डेपुटेशन खत्म किया गया उनमें अरविंद कुमार, विकाश भट्ट, अनोज कुमार,शिवेन्द्र कुमार,जितेन्द्र कुमार और ऋषिराज कश्यप शामिल हैं। 

बताया जाता है कि जिन लिपिकों की प्रतिनियुक्ति खत्म की गई है वे सालों से इसी आधार पर भू-अर्जन कार्यालय में जमें थे। एक-दो कर्मी तो एक दशक से इसी कार्यालय में काम कर रहे थे। डीएम के स्थानांतरण आदेश के बाद भी कर्मी अपने आप को भू-अर्जन कार्यालय में ही प्रतिनियुक्त करा लेते थे। चार्ज देने के नाम पर भी कर्मी महीनों इसी कार्यालय में जमे रहते थे। अब देखना होगा इस बार डीएम ने जब प्रतिनियुक्ति आदेश रद्द किया है तो अपने पदस्थापन कार्यालय में योगदान देते हैं अथवा नहीं .

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