सरकारी कर्मियों-पेशनभोगियों के लिए बड़ी खबर, महंगाई भत्ता में वृद्धि, शराब रोकने के लिए 905 पदों पर होगी बहाली

सरकारी कर्मियों-पेशनभोगियों के लिए बड़ी खबर, महंगाई भत्ता में वृद्धि, शराब रोकने के लिए 905 पदों पर होगी बहाली

PATNA: बिहार कैबिनेट की आज बैठक हुई। मीटिंग में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी है। कुल 21 एजेंडों पर मुहर लगाई गई है। बिहार सरकार ने सरकारी सेवकों को बड़ी राहत दी है। महंगाई भत्ता में 4 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। वेतन भोगियों, पेंशन भोगियों को 1 जुलाई 2022 के प्रभाव से 34 फ़ीसदी के स्थान पर 38 फ़ीसदी महंगाई भत्ता की स्वीकृति दी गई है. वहीं शराबबंदी को सफल बनाने के लिए 905 मद्ध निषेध कर्मियों को बहाल करने का निर्णय लिया गया है। 

 सैप में कार्यरत कुल 3953 सेवानिवृत्त सैनिकों की अनुबंध अवधि 2022-23 के लिए विस्तारित करने की स्वीकृति दी गई है. बिहार के प्रोबेशन निदेशालय में अतिरिक्त 97 निम्न वर्गीय लिपिक, 30 उच्च वर्गीय लिपिक तथा 10 प्रधान लिपिक यानी कुल 137 अतिरिक्त लिपिक संवर्ग के पदों की स्वीकृति दी गई है. इस पर हर साल 5 करोड़ 25 लाख से अधिक का खर्च आयेगा ।

शराबबंदी को सफल बनाने के लिए बिहार मद्य निषेध अवर सेवा के विभिन्न कोटि के 905 अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है. इन पदों की स्वीकृति से पटना जिले में छह, भागलपुर में दो, पश्चिम चंपारण में दो समेत अन्य जिलों में चलंत दल गठित की जाएगी. जो शराब माफियाओं पर छापेमारी करेगी. सीमावर्ती जिलों में कार्यरत कुल 16 जांच चौकी में पर्याप्त पदाधिकारी एवं मद्य निषेध सिपाही का भी पदस्थापन हो सकेगा.

बिहार सरकार ने निवेश प्रोत्साहन नीति को प्रभावी बनाने के लिए कुछ संशोधन किए हैं. नीति में संशोधन करते हुए सेवा प्रक्षेत्र में आईटी पार्क, कॉल सेंटर, ऑनलाइन परीक्षा केंद्र एवं इलेक्ट्रॉनिक फेब्रिकेशन, स्टार्टअप को-वर्किंग स्पेस एवं start-up हब, वेयरहाउस एवं लॉजिस्टिक पार्क और रिसर्च लाइव. इन सभी को सरकार बियाड़ा की जमीन आवंटित करेगी. 200 करोड़ से अधिक परियोजना वाली इकाइयों के लिए प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने की अवधि 5 वर्ष से बढ़ाकर 7 वर्ष की गई है.दो करोड़ से कम निवेश प्रस्ताव पर निर्णय लेने के लिए विकास आयुक्त आयुक्त की अध्यक्षता में राज्य प्रोत्साहन निवेश बोर्ड को प्राधिकृत किया गया है.

सुखाड़ के मद्देनजर डीजल अनुदान मद में एक सौ करोड़ रुपए की अग्रिम राशि की निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गई है. बिहार सरकार के वेतन भोगियों, पेंशन भोगियों को 1 जुलाई 2022 के प्रभाव से 34 फ़ीसदी के स्थान पर 38 फ़ीसदी महंगाई भत्ता की स्वीकृति दी गई है.

बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 2022-23 में विभिन्न परीक्षाओं के आयोजन के लिए 4 करोड़ रुपए की अग्रिम स्वीकृति एवं निकासी का फैसला लिया गया है. सुप्रीम कोर्ट में सुनील कुमार वर्मा बनाम बिहार एवं अन्य में 12 सितंबर 2022 को पारित आदेश के अनुपालन में सुनील कुमार वर्मा को जिला न्यायाधीश से सीधी भर्ती 2016 के तहत पुनः नियुक्त करने का निर्णय सरकार ने लिया है. बिहार के 22 प्रस्तावित सरकारी महाविद्यालयों के लिए पूर्व में सृजित कुल 1420 शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मियों के पदों को प्रत्यर्पण किया गया है. साथ ही विभिन्न विश्वविद्यालयों में शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मियों के कुल 1420 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है. इसके फलस्वरूप नव स्थापित महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की कार्रवाई की जा सकेगी.

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