BJP नेतृत्व को '420' वाले नेताओं से हो गया मोहब्बत! लालू परिवार पर सवाल खड़े करने वाले दल का टिकट वितरण में चाल-चरित्र और चेहरा हुआ उजागर

BJP नेतृत्व को '420' वाले नेताओं से हो गया मोहब्बत! लालू परिवार पर सवाल खड़े करने वाले दल का टिकट वितरण में चाल-चरित्र और चेहरा हुआ उजागर

पटनाः  पटनाः बिहार में भले ही स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने की बात कही जाती हो लेकिन हकीकत है कि स्वच्छ छवि वाले नेताओं की कोई पूछ नहीं है। बेदाग छवि वाले नेता टिकट की आस लगाये बैठे ही रह जाते हैं और जिन पर गहरे दाग होते हैं वे टिकट लेकर मैदान में कूद जाते हैं। इस बार राजद की बात तो छोड़िए बीजेपी नेतृत्व को 420 वाले नेताओं से मोहब्बत हो गया है। लालू परिवार पर सवाल उठाने वाले बीजेपी नेताओं ने टिकट देने में अपने चाल-चरित्र और चेहरा को बेनकाब कर दिया। बीजेपी भले ही लालू परिवार पर अवैध काम करने का आरोप लगाती रही हो लेकिन इस बार के चुनाव में बीजेपी ने फ्रॉड नेताओं को टिकट से नवाजा है। बड़ा सवाल यही है कि अब भाजपा भी फ्रॉड नेताओं के संरक्षण देने वाली पार्टी बन गई है? पार्टी ने जिस नेता को उम्मीदवार बनाया है उस पर पटना में एक नहीं बल्कि फ्रॉड यानी चार सौ बीसी के आधे दर्जनव से अधिक मामले दर्ज हैं। 

जानिए बीजेपी उम्मीदवार की कारस्तानी

बीजेपी ने इस बार अरवल से दीपक शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। लेकिन पार्टी ने जिस पर विश्वास जताया है उस पर राजधानी के कई थानों में फ्रॉड के 5 मुकदमें दर्ज हैं। अपने आप को अलग बताने वाली पार्टी बीजेपी ने एक तरह से फ्रॉड को टिकट देकर सम्मानित कर दिया है। बीजेपी के उम्मीदवार दीपक शर्मा पर 2018 में फ्रॉड के तीन केस हुए वहीं 2019 में भी एक केस दर्ज किया गया। इसके अलावे 2013 में भी दीपक शर्मा पर कोतवाली थाने में बड़ा फ्रॉड का केस दर्ज है।ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अब बीजेपी में टिकट लेने के लिए फ्रॉड का ठप्पा लगनाा जरूरी हो गया है।

बीजेपी नेतृत्व को दीपक शर्मा के फ्रॉड की जानकारी नहीं होगी लेकिन न्यूज4नेशन उस नेता के फ्रॉड की कारस्तानी बता रहा। दीपक शर्मा पर 2018 में बुद्धाकॉलनी थाने में धोखाधड़ी का केस संख्या 503-18 दर्ज है।इसके अलाेव 2018 में ही श्रीकृष्णापुरी थाने में केस संख्या-205-18 दर्ज है।फिर 2018 में एक और केस बुद्धा कॉलनी थाने में दर्ज हुआ।इसका केस संख्या-447-18 है। इसमें धारा 323,363,364,365,368,420 समेत कई अन्य धाराओं में फ्रॉड का केस दर्ज है।2019 में पटना के श्रीकृष्णापुरी थाने में केस सं.-11-19 दर्ज है।इसमें भी भाजपा नेता दीपक शर्मा पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है।

इसके अलावे 2013 में पटना के कोतवाली थाने में केस संख्या-379-13 एसएफसी के भंडार निगम ने भाजपा नेता दीपक शर्मा के फ्रॉड की पोल खोली थी और जांच रिपोर्ट के आधार पर केसदर्ज हुआ था। इस पर एसएसपी के आदेश पर 27 लाख रू का जाली बैंक गारंटी देने के मामले में कोतवाली थाने में केस दर्ज हुआ था। इसके बाद कंकडबाग थाने में 293-11 नंबर का केस दर्ज है।साथ ही थाने में गलत केस करने के कारण कंकडबाग पुलिस ने इस पर केस दर्ज किया था.

जानकारी के अनुसार 2018-19 में धोखाधड़ी के जो 4 केस हुए हैं किसी में भी भाजपा नेता दीपक शर्मा को क्लीन चिट नहीं मिली है।वहीं कोतवाली थाने वाले मामले में भी भाजपा नेता को अब तक बरी नहीं किया गया है।ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बीजेपी अब इसी तरह के नेताओं को पसंद करती है।

बता दें कि,अरवल के पूर्व विधायक चितरंजन सिंह पर पांडव गिरोह सरगना संजय सिंह पर जानलेवा हमले में षडयंत्र का आरोप लगा था।इसके बाद धनरूआ थाने में केस दर्ज हुआ था। इसी केस में चितरंजन सिंह पर वारंट जारी हुआ था।बताया जा रहा है कि इसमें उन्हें कोर्ट ने बुधवार को गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.चितरंजन सिंह ने आरोप लगाया है कि साजिश के तहत उनपर केस दर्ज कराया गया । कोर्ट से उनकी गिरफ्तारी पर स्टे लगाया है।उन्होंने कहा कि बीजेपी ने टिकट नहीं दिया तो क्या हुआ वे निर्दलीय तौपर चुनाव लड़ेंगे और जीत कर दिखायेंगे।

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