BIHAR : अनुमंडल अस्पताल का निरीक्षण में मिली कई खामियां, कहा – कोविड केयर सेंटर में मरीजों को भर्ती कर करें इलाज

BIHAR : अनुमंडल अस्पताल का निरीक्षण में मिली कई खामियां, कहा – कोविड केयर सेंटर में मरीजों को भर्ती कर करें इलाज

BHAGALPUR :  नवगछिया अनुमंडल अस्पताल का गुरुवार को सिविल सर्जन भागलपुर उमेश शर्मा द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने कोविड 19 महामारी को लेकर अस्पताल की गई चिकित्सीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान दौरान अस्पताल में उन्होंने काफी कमियां पाई है। निरीक्षण के क्रम में सर्व प्रथम तीन दिन पूर्व अस्पताल में बने कोविड केयर सेंटर का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पाया कि कोविड केयर सेंटर किसी प्रकार की तैयारी नहीं की गई है। जिसको लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।

सीएस के निरीक्षण के दौरान  जहां पर अस्पताल में जहां कोविड केयर सेंटर बनाया गया है वहां पर बेड भी सही तरीके से नहीं लगाया गया है बेड पर चादर भी नहीं थे। कोविड केयर सेंटर के खुले तीन दिन हो जाने के बाद भी एक भी मरीज को यहां पर भर्ती नहीं लिया गया था। कोविड को लेकर अस्पताल प्रबंधन की इस व्यवस्था पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की. इसके बाद उन्होंने अस्पताल के लेबर रूम, वेक्सिनेशन सेंटर, कोविड जांच सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि नवगछिया कोविड केयर सेंटर में मरीजों का इलाज हो ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अरुण कुमार सिन्हा को दिया है। 

उन्होंने कहा कि कोविड संदर्भित जो भी मरीज आते है उसका कोविड केयर सेंटर में इलाज करें।वैसे मरीज जिनका 92 के नीचे ऑक्सीजन लेवल रहता है उसे ऑक्सीजन देकर उनका मुक्कमल इलाज जो प्रारंभिक है उसे करें। अस्पताल में आने वाले मरीजों को सिर्फ रेफर न करें। इसके साथ ही उन्होंने कोविड को लेकर कंट्रोल रूम स्थापित कर उन्हें तत्काल संचालित करने का निर्देश दिया। सीएस गुरुवार को दिन के करीब 11 बजे वे निरीक्षण के लिए अनुमंडल अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अरुण कुमार सिन्हा एवं अस्पताल प्रबंधक राजू प्रधान अस्पताल में नहीं थी। सीएस ने दोनो की गैर मौजूदगी में ही अस्पताल का जायजा लिया। निरीक्षण समाप्त होने के बाद दोनो अस्पताल पहुचें। 

दोनों के अस्पताल से अनुपस्थित पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई है। सीएस ने कहा कि अस्पताल प्रबंधक हमेशा विलंब से आते हैं। इसके साथ ही अस्पताल उपाधीक्षक का भागलपुर से आना जाना होता है।ऐसी स्थिति में अनुमंडल अस्पताल में मरीजों को असुविधा हो रही है। अस्पताल उपाधीक्षक की जिम्मेदारी को लेकर विचार किया जा रहा है। वहीं उन्होंने कहा कि अस्पताल में डॉ अंजू तुरियार भी के द्वारा भी अल्ट्रासाउंड नहीं किया जा रहा है। वे अस्पताल में भी समय नहीं दे रही हैं इस संदर्भ में जिलाधिकारी व विभाग को लिखा जा रहा है।

Find Us on Facebook

Trending News