बिहार में हर चौथा विधायक सवर्ण, जानिए नई विधानसभा का जातीय समीकरण.....

बिहार में हर चौथा विधायक सवर्ण, जानिए नई विधानसभा का जातीय समीकरण.....

PATNA: बिहार में इस बार के विधानसभा चुनाव में सोशल इंजीनियरिंग में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है।2020 के विस चुनाव में जहां यादव विधायकों की संख्या में कमी आई है वहीं,सवर्ण समुदाय केविधायकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई बै। सवर्ण समुदाय से आने वाले विधायकों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. जबकि यादव, कुर्मी और कुशवाहा जैसी जातियों के लिए नुकसान साबित हुआ है.

यादव विधायकों की संख्या में कमी 
बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार यादव विधायकों की संख्या में कमी हुई है। 2015 में जहां 61 यादव विधायक चुन कर आये थे लेकिन इस बार यह संख्या घटकर 52 पर पहुंच गई है। आरजेडी के टिकट पर 36, भाकपा माले से 2, कांग्रेस से 1और सीपीएम से 1 यादव विधायक चुन कर आए हैं. इस तरह से महागठबंधन से 40 यादव विधायक जीते हैं. वहीं, एनडीए से 12 यादव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं, जिनमें बीजेपी से 6, जेडीयू से पांच और वीआईपी से एक यादव विधायक शामिल है.   


इस बार 28 राजपूत विधायक बने
इस बार कुल 28 राजपूत विधायक जीतकर आए हैं,2015 में 20 विधायक जीते थे. इस तरह से राजपूत विधायकों की संख्या में 8 का इजाफा हुआ है. बीजेपी ने इस बार 21 राजपूतों को टिकट दिया था, जिनमें से 15 जीते हैं. जेडीयू के 7 राजूपत प्रत्याशियों में से महज 2 ही जीत सके और दो वीआईपी के टिकट पर जीते हैं.

ब्राह्मण विधायकों में बढ़त
इस बार के चुनाव में 12 ब्राह्मण विधायक चुनाव जीत कर आए हैं. 2015 में इस समाज के 11 विधायकों ने जीत हासिल की थी. बीजेपी के 12 ब्राह्मण कैंडिडेटों में 5 जीते हैं. जेडीयू के 2 वहीं, कांग्रेस से 3 जीते हैं. आरजेडी से 2 को जीत मिली है.

भूमिहार विधायक बढ़े
बिहार विस चुनाव में इस बार 21 भूमिहार विधायक चुनकर आए हैं, जबकि 2015 में 17 विधायक चुन कर आए थे.  बीजेपी के 14 भूमिहार प्रत्याशियों में से 8 जबकि जेडीयू के 8 प्रत्याशियों में से 5 ने जीत दर्ज की. HAM से एक भूमिहार कैंडिडेट को जीत मिली. एनडीए से इस बार 14 भूमिहार विधायक बने हैं. महागठबंधन के टिकट पर 6 भूमिहार विधायक चुने गए हैं, जिनमें कांग्रेस से 4 जबकि आरजेडी और सीपीआई से 1-1 विधायक ने जीत दर्ज की है. 2015 में बीजेपी से 9, जेडीयू से 4 और कांग्रेस से 3 भूमिहार विधायक चुन कर आए थे. 



बिहार चुनाव में वैश्य समुदाय के 24 विधायक चुनकर आए हैं. 2015 में इनकी संख्या विधानसभा में 16 थी. इस तरह से 4 विधायकों की बढोतरी हुई है. वैश्य समाज से सबसे ज्यादा 15 विधायक बीजेपी के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं. वहीं, आरजेडी से 5, सीपीआई (माले) से 2, जेडीयू और कांग्रेस से 1-1 विधायक वैश्य समुदाय के जीते हैं. इसके अलावा 38 सुरक्षित सीटों से दलित विधायक जीते हैं जबकि 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटें उन्हीं के खाते में गई है. बिहार में इस बार के चुनाव में 19 मुस्लिम विधायक जीते हैं जबकि 2015 में 24 मुस्लिम विधायक चुने गए थे. आरजेडी के टिकट पर सबसे ज्यादा 8 मुस्लिम जीते हैं जबकि दूसरे नंबर 5 मुस्लिम विधायक इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन से चुने गए हैं. इसके अलावा कांग्रेस के चार, सीपीआई (माले) से एक और एक बसपा के टिकट पर जीत हासिल की है जबकि जेडीयू से एक भी मुस्लिम नहीं जीत सका. 

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