बिहार के इन पर्यटन स्थलों पर नहीं आए तो देश के इतिहास को जानने का खो देंगे मौका...जानिए कुछ खास जगह

बिहार के इन पर्यटन स्थलों पर नहीं आए तो देश के इतिहास को जानने का खो देंगे मौका...जानिए कुछ खास जगह

DESK : बिहार का इतिहास किसी से छुपा नहीं है, यह वही राज्य है जहां से बौद्ध और जैन धर्म की शुरुआत हुई थी। बिहार वही राज्य है जहां मगध साम्राज्य की शुरुआत हुई थी. बिहार में बहुत से ऐसी टूरिज्म स्थल है जिसपर लोगों की नजर नहीं जाती। यूं कहें कि लोगों को पता ही नहीं है कि बिहार में ऐसी भी खूबसूरत, ऐतिहासिक जगह है और अगर हमारी सरकार बिहार टूरिज्म को थोडा सही करने में ध्यान लगाये तो वो वक़्त जादा दूर नहीं होगा जब बेहतरीन टूरिज्म प्लेस में बिहार का भी नाम होगा. तो आइये बताते है आपको कुछ ऐसी ही बेहतरीन जगह के बारे जिनके बारे आप शायद जानते भी होंगे और शायद नहीं :

गया 

बिहार के मशहूर जगह की जब नाम लेते हैं तो सबसे पहला नाम गया का ही आता है. ऐसा माना जाता है कि गया वही जगह  है जहां  के बोधगया में भगवान बुद्ध ने एक पेड़ के नीचे ज्ञान हासिल की थी. गया फाल्गु नदी के किनारे बसती है. गया वही जगह है जहा मौर्या और गुप्ता साम्राज्य का एक विशाल और सुखद साम्राज्य हुआ करता था. अगर आप यहां जाते हैं तो बोधगया, विष्णुपद मंदिर, बोधि वृक्ष और महाबोधि मंदिर जाना न भूलें. बोधगया आने के लिए देश के कई शहरों से ट्रेन के साथ हवाई सेवा भी उपलब्ध है.

नालंदा 

सबसे पुरानी विश्वविद्यालय नालंदा में ही थी और यही वो जगह है जहां गुप्ता और पाल साम्राज्य की अवधि में शिक्षा का वैश्विक विस्तार हुआ. नालंदा प्रयटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र भी है. और ऐसा कहा जाता है की आख़िरी जैन तीर्थंकर महावीर ने अपने जीवन के 14 मानसून यहीं बिताये थे. नालंदा हमेशा से शिक्षा का केंद्र रहा है और इसकी प्रसिद्धी इतनी है की चाइनीज यात्री हेनसांग ने भी अपने जीवन के दो साल यहाँ बिताये थे. हालांकि, नालंदा के कुछ हिस्से जल चूके है पर अब भी यह एक आकर्षण का केंद्र है. बिहार सरकार नालंदा के गौरव को फिर से जिंदा करने की कोशिश कर रही है। वैसे तो आप ट्रेन या हवाई सेवाओं के साथ नालंदा आ सकते है पर अगर आप सड़को का मजा लेना चाहते है तो आप टैक्सी या कार से भी राजगीर के सफ़र के लिए निकल सकते हैं।

वैशाली 

वैशाली भगवान महावीर के जन्म स्थल से प्रसिद्ध है. किसी समय में यह लिच्छवी साशकों की राजधानी हुआ करती थी. कहते हैं कि बुद्ध के राज्य में वैशाली एक समृद्ध राज्य हुआ करता था और आपको बता दें की वैशाली एक खूबसूरत वेश्या आम्रपाली की वजह से भी मशहुर है यहाँ तक कि आम्रपाली के ख़ूबसूरती के चर्चे आज भी वहाँ हुआ करती है. वैशाली में पर्यटकों को देखने के लिए बहुत ऐसी चीजें और जगह है जैसे अशोका पिल्लर, रेलिक स्तूप, कुण्डलपुर, राजा विशाल का गढ़ उनमे से एक है. वैशाली जाने के लिए बस सेवओं के साथ साथ ट्रेन की भी सुविधा उपलब्ध है. 

पटना 

गंगा नदी के किनारे बसा हुआ यह शहर बिहार की राजधानी है. पुराने काल में पटना को पाटलिपुत्र के नाम से जानते थे और यह सिक्ख समुदाय के अंतिम गुरू गोविंद सिंह की जन्म भूमि भी  है. पटना आज एक विकसित शहरों में से एक है जहां बड़े-बड़े मॉल्स, अच्छे होटलें भी उपलब्ध हैं, जिससे प्रयटकों को यहाँ ठहरने में कोई परेशानी नहीं होगी. पटना का गोलघर, तख्त श्री पटना साहिब, बुद्धा स्मृती पार्क, किला घर, पटना म्यूजियम, कुम्हरार और कितनी ऐसी जगहें है जहा पर्यटक घूम सकते है और यात्रा का आनंद ले सकते हैं. पटना पहुंचने क लिए आपको रेल से लेकर हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध है जिससे आपको सफर करने में आसानी होगी।

इसी तरह राजनगर में बसा नवलखा महल, मुंगेर, पावापुरी का जलमंदिर, राजगीर का विश्व शांति स्तूप, सासाराम में बसा शेरशाह सूरी का मकबरा, सीतामढ़ी का जानकी मंदिर, बेगुसराय का कंवर लेक बर्ड सैंचूरी,  बक्सर का किला प्रयटकों के लिए एक देखने का केंद्र है.    

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