बिहार के हर पंचायत लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, शराब तस्करों पर रखी जाएगी नजर

बिहार के हर पंचायत लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, शराब तस्करों पर रखी जाएगी नजर

पटना. शराबबंदी को पूर्णतः सफल बनाने की तैयारी में जुटी बिहार सरकार ने शहरों के साथ ही गांवों पर विशेष नजर रखने की योजना बनाई है. इसके लिए गांवों में अब सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. पंचायती राज विभाग ने इसकी रुपरेखा तैयार कर ली है और राज्य में चल रहे पंचायत चुनाव के समाप्त होने के बाद सभी पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. बिहार में 8471 पंचायत हैं. विभाग ने प्रति पंचायत अधिकतम 1000 कैमरे लगाने की योजना बनाई है. 

दरअसल 15 वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत केंद्र सरकार ने पंचायती राज विभाग को देश के सभी पंचायतों में कैमरे लगाने की अनुशंसा की है. आयोग ने विभाग को पहले ही इस मद में बकाया 1254 करोड़ रुपये भेज दिए हैं. वहीं इसी मद में वित्त वर्ष 2020-21 में पहले ही 3763 करोड़ रुपए पंचायती राज विभाग को पहले ही मिल चुके हैं.

विभाग को जारी राशि से गांवों में न सिर्फ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे बल्कि वहां पार्क भी बनाए जाएंगे। पार्क गाँव के सार्वजनिक स्थलों या सरकारी खाली जमीन पर बनना है. इसके आलावा गांवों में खेल का मैदान भी आधुनिक सुविधाओं से लैस कर बनाया जायेगा. 

बिहार के पंचायती राज विभाग ने इस योजना का लाभ शराबबंदी को सफल बनाने में करने की तैयारी की है. अक्सर ऐसी खबरें आती हैं कि गांवों में शराब तस्करी होती है. विभाग का मानना है कि पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लग जाने से ऐसी अवैध गतिविधियों को रोका जा सकेगा. साथ ही विभिन्न प्रकार के अपराध की घटनाओं को भी रोकने में सफलता मिलेगी. गांवों की चाक चौबंद सुरक्षा की दिशा में यह बेहद अहम निर्णय माना जा रहा है. 

कैमरे लगाने के बाद इसका कोई बेजा इस्तेमाल न कर सके इसलिए कुछ सीमित लोगों को ही इसके एक्सेस का अधिकार होगा. विभागीय सूत्रों की मानें तो अगले वर्ष की शुरुआती तिमाही में पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. 

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