तो क्या मुस्लिमों का वोट नहीं मिलने से नाराज हैं CM नीतीश, कैबिनेट से कर दी मुसलमानों की छुट्टी

तो क्या मुस्लिमों का वोट नहीं मिलने से नाराज हैं CM नीतीश, कैबिनेट से कर दी मुसलमानों की छुट्टी

पटना : बिहार में नई सरकार का गठन हो गया है. नीतीश कुमार फिर से सरकार की अगुवाई कर रहे हैं. लेकिन इस बार नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल का स्वरूप बिलकुल बदला-बदला सा है. कई नए चहेरों को जगह दी गई है. कैबिनेट में जातिगत समीकरण का बखूबी ख्याल रखा गया है. जिनमें दलित, यादव, भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत जाति के नेताओं को जगह मिली है. लेकिन, आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि बिहार सरकार में एक भी मुसलमान मंत्री के तौर पर जगह नहीं पा सके हैं. यहां तक कि इस बार अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में भी बड़ा परिवर्तन किया गया है. ऐसा परिवर्तन इससे पहले बिहार में ऐसा कभी नहीं हुआ था.  

मुस्लिम के बजाय दलित पर बड़ा दांव 

दरअसल नीतीश कुमार ने अपने सबसे भरोसेमंद सिपाही अशोक चौधरी को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का मंत्री बनाया है. जबकि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की स्थापना साल 1991 में हुई थी. और तब से इस विभाग का मंत्री हमेशा से कोई मुसलमान ही रहा है. लेकिन पहली बार नीतीश कुमार ने बड़ा दांव चला है. किसी दलित नेता को इस विभाग का मंत्री बनाया है. बिहार के इतर उत्तर प्रदेश की बात करें, तो वहां साल 2017 में विधानसभा चुनाव हुआ था. और चुनावी नतीजों में बीजेपी को जबरदस्त बहुमत मिला था. लेकिन बीजेपी के पास कोई मुस्लिम विधायक नहीं था. तब बीजेपी ने मोहसिन रजा को एमएलसी बनाया. और बाद में मोहसिन रजा को यूपी का अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का मंत्री बनाया गया. पर बिहार में ऐसा कुछ नहीं हुआ. बिहार के चुनावी नतीजों के बाद भले ही एनडीए के पास मुस्लिम विधायक न हो. लेकिन मुस्लिम एमएलसी जरूर हैं. पर सीएम नीतीश कुमार ने दांव अपने मुस्लिम जेडीयू एमएलसी के बजाय एक दलित नेता पर चला है.  

जेडीयू का मुसलमानों से मोहभंग ?

बिहार में इस बार के चुनाव में एनडीए को 125 सीटें मिली हैं. लेकिन इसमें एक भी मुस्लिम विधायक चुन कर नहीं आया है. एनडीए में चार घटक दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा था. बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने कुल 11 मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतारा था. पर जेडीयू के मुस्लिम उम्मीदवारों को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली. मौजूदा वक्त में जेडीयू के पास चार मुस्लिम एमएलसी- गुलाम रसूल बलयाबी, खालिद अनवर, सलमान रागीब, गुलाम गौस है. पर नीतीश कुमार ने जेडीयू के मुस्लिम एमएलसी पर दांव चलने के बजाय अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का मंत्री अशोक चौधरी को बनाया है. 

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