बच्चों में जन्मजात हृदय रोग है कॉमन, 10% नवजात रोग से मर जाते हैं

बच्चों में जन्मजात हृदय रोग है कॉमन, 10% नवजात रोग से मर जाते हैं

आजकल जन्मजात ह्रदय रोग नमक बीमारी बहुत ही कॉमन हो चूका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे भारत में ही कम से कम 10% नवजात ह्रदय रोग की वजह से पैदा लेते ही मर जाते हैं. सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि ये बीमारी पूरी दुनिया की बड़ी समस्या बन चूका है. विज्ञान आज बहुत तरक्की कर रहा है और ऐसा नहीं है की वैज्ञानिक के पास इसका इलाज नहीं है, लकिन समय पर इलाज नहीं मिलने पर नवजात की मृत्यु प्रति वर्ष बढ़ती जा रही है. जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चो के पास ज्यादा वक़्त नहीं होता और कई बार माता-पिता भी इस चीज को नहीं समझ पाते, जब तक वह समझते है तब तक बहुत देर हो जाता है. 

जन्मजात ह्रदय रोग पीड़ित बच्चों को जल्द इलाज की जरूरत होती है और कुछ केश तो ऐसी होती है की बच्चा पैदा होने के बाद ही उनका तुरंत ऑपरेशन करना पड़ता है. इस समस्या को नजर रखते हुए कुछ वैज्ञानिकों ने नया कदम उठाया है. इन्होने ह्रदय रोग से पीड़ित बच्चों को समय रहते ही इलाज करने का निर्णय किया है. यह उन बच्चों का भी इलाज करेंगे जिनके माता-पिता इलाज करने में सक्षम नहीं है. 

हम आपको बता दें कि जन्मजात ह्रदय रोग का बहुत कारण होता है. प्रेग्नन्सी के समय माँ यदि बिना डॉक्टर के किसी भी ड्रग्स का उत्पादन करती हैं तो वह बच्चो को रिस्क में डाल सकती है और अगर उस दौरान वह आलकोहॉल या गैरकानूनी ड्रग्स लेती हैं तो इससे बच्चों के ह्रदय रोग का चांस ज्यादा बढ़ जाता है.

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