चमत्कार समझकर किशोर को अपने घर ले आई महिला, 3 दिन बाद अपनी मां भी पहुंची, फिर दावेदारी को लेकर दो परिवार भिड़े

चमत्कार समझकर किशोर को अपने घर ले आई महिला, 3 दिन बाद अपनी मां भी पहुंची, फिर दावेदारी को लेकर दो परिवार भिड़े

छपरा. जिले में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक 15 वर्षीय किशोर पर दो परिवार अपने-अपने दावे करने लगे। इसी बीच महिलाएं आपस में भीड़ भी गई। इसकी सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया और बच्चे को थाना लाया।

दरअसल यह बच्चा इसुआपुर थाना क्षेत्र के विष्णुपरा गांव में घूम रहा था, तभी तरैया थाना क्षेत्र के गण्डार निवासी सुनीता देवी वहां पहुंचकर बच्चे को अपने घर ले आई, और बताया कि पांच वर्ष पहले सावन में उसका बेटा, जिसे सांप ने काट लिया था और उसे गण्डकी नदी में प्रवाह कर दिया था, वह बच्चा उनके वापस लौट आया है।

इस खबर के आने के बाद क्षेत्र में चमत्कार होने की चर्चा होने लगी। परिवार तीन दिनों से खुश भी था, लेकिन बच्चा किसी को पहचान नहीं रहा था, तभी शुक्रवार की सुबह उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के मदरहवा टोला निवासी श्रवण महतो अपनी पत्नी मीरा देवी और पूरे परिवार के साथ वहां पहुंचे।

बच्चे मीरा देवी को देखते ही उनसे लिपट कर रोने लगा और परिवार उसे ले जाने लगे। तभी पहले से अपना बेटा बताने वाली सुनीता देवी के परिवार व गांव वाले भीड़ गये और उसे रोकने लगे। इसको लेकर गांव मे हंगामा मच गया। इसकी सूचना पर मौके पर पुलिस भी पहुंची। किशोर ने ग्रामीणों के समक्ष कुशीनगर से आये परिजनों को पहचाना।

वे लोग अपने साथ उसकी पुरानी तस्वीर और आधार कार्ड भी साथ लाये थे, जिससे उसकी पहचान उसके बेटे मोनु के रूप में हुई है। वहीं तरैया के गण्डार निवासी सुनीता देवी के पास उसका कोई सबूत नही था। पुलिस ने पूछताछ के बाद कुशीनगर से आये परिजनों को बच्चा सौंप दिया है।


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