रेप का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाली औरत पर कोर्ट ने लगाया जुर्माना,कहा,पीड़ित को दिया जाय आधा पैसा

रेप का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाली औरत पर कोर्ट ने लगाया जुर्माना,कहा,पीड़ित को दिया जाय आधा पैसा

DESK: एक महिला को एक व्यक्ति पर रेप का झूठा मुकदमा दर्ज करवाना महंगा पड़ा है । रेप के मामले में झूठा मुकदमा लिखवाने के मामले को लेकर कोर्ट ने वादी महिला पर ₹20000 का जुर्माना लगाया है। साथ ही यह भी आदेश दिया है कि जुर्माने से प्राप्त होने वाली राशि में से 50 फीसदी राशि पीड़ित को दिए जाएं।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में रेप के मामले में झूठी रिपोर्ट लिखवाने को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। जैसे ही जांच के बाद यह बात सामने आई कि रेप का आरोप बिल्कुल निराधार है तो कोर्ट ने मुकदमा वादी पर ₹20000 का जुर्माना लगा दिया ।इतना ही नहीं कोर्ट ने आदेश देते हुए अभी कहा कि जुर्माने से प्राप्त होने वाली धनराशि में से 50 फ़ीसदी  पीड़ित को दिए जाएं।

विशेष पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष के अनुसार गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर क्षेत्र स्थित एक मकान में महिला अपने परिवार के साथ किराए पर रहती थी। बताया जा रहा है कि उसी मकान में रजत नाम का एक व्यक्ति ही किराए पर रहता था।महिला के द्वारा 6 अक्टूबर 2020 को किराए पर रहने वाले रजत पर यह आरोप लगाया गया कि रजत ने उसकी बेटी के साथ रेप किया है। प्रथम दृष्टया महिला की बात को सत्य मानते हुए पुलिस ने रजत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया ।इस मामले में रजत 3 महीने तक जेल में बंद रहा। उसके बाद उसे जमानत मिल गई

इसके बाद मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट में निरंतर चलने लगे। अंतिम सुनवाई न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव के कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने इस रेप की घटना को झूठा पाया और रजत को बरी कर दिया।

वही विशेष पॉक्सो एक्ट में झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला पर कि ₹20000 का जुर्माना लगाया साथ में यह भी आदेश दिया कि जुर्माने से प्राप्त होने वाली धनराशि में से 50 प्रतिशत पीड़ित को दिया जाए। अगर झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला जुर्माना नहीं देती है तो उसे 15 दिन साधारण कारावास की सजा भुगतना होगा।


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