लीलूअली अखाड़ा एवं रांची महानगर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी का निर्णय, इस वर्ष मुहर्रम पर नहीं निकाला जायेगा जुलूस

लीलूअली अखाड़ा एवं रांची महानगर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी का निर्णय, इस वर्ष मुहर्रम पर नहीं निकाला जायेगा जुलूस

Ranchi  : मुहर्रम पर तजिया और जुलूस निकाले जाने को लेकर आज लीलू अली अखाड़ा एवं रांची महानगर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी के संयुक्त तत्वावधान में गुदरी चौक स्थित हाजी मोo असलम वेंक्वट हाल में बैठक हुई। जिसमें यह सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस वर्ष मुहर्रम पर तजिया और जुलूस नहीं निकाला जायेगा।   

लीलू अली अखाड़ा के प्रमुख खलीफा मतीउर्रहमान नेहरू एवं रांची महानगर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी के अध्यक्ष मोo सलाउद्दीन (संजू) के संयुक्त अध्यक्षता में सम्पनन हुई  इस बैठक में अखाड़ा के अंतर्गत आने वाले तमाम क्षेत्रीय खलीफा एवं रांची महानगर सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के पदाधिकारीगण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शामिल हुए और अपने-अपने विचार व्यक्त किये।  

बैठक में वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि  कोविड-19 के तहत कोरोना जैसी महामारी को परास्त करने हेतु सरकार एवं जिला प्रशासन के   निर्देशानुसार  इस वर्ष 2020 के मोहर्रम का जुलूस नहीं निकाला जाए जिस पर सर्वसम्मति से इस वर्ष 2020 के मोहर्रम का जुलूस नहीं निकाले जाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि चांद की एक से दसवीं तारीख याने पहलम तक के मुहर्रम से संबंधित सभी धार्मिक कार्यक्रम   जिसमें नेयाज, फातेहा,निशान खड़ा करना,ल॔गर आदि प्रत्येक  क्षेत्रीय खलीफा एवं पदाधिकारी गण अपने-अपने इमामबाड़े में शोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कार्यक्रम संपन्न कराएंगे तथा प्रत्येक इमामबाड़ा में साफ सफाई के साथ-साथ सैनिटाइजर एवं फेस मास्क के प्रयोग  का भी विशेष रुप से ध्यान रखेंगे।

तमाम क्षेत्रीय खलीफा अपने-अपने   इमामबाड़े एवं   इलाके में  किसी प्रकार का ढोल ,ताशा,   बाजा,लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं करेंगे इसपर पूर्ण रूप से प्रतिबंध होगा। हर हाल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए प्रत्येक व्यक्ति को भीड़-भाड़ से बचना एवं  एक दूसरे को बचाना अनिवार्य होगा।

चांद की पांचवी तारीख को लीलू अली इमामबाड़ा सहित सभी क्षेत्रीय इमामबाड़े में बिना ढोल, ताशा ,लाउडस्पीकर एवं बाजा के शोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नेयाज- फातेहा के बाद निशान खड़ा कर धार्मिक कार्यक्रम सम्पन्न कराएँगे। किसी   प्रकार का सम्मान समारोह,अस्त्र-शस्त्र प्रतियोगिता या नुमाईश आदि पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।

मुहर्रम की दसवीं तारीख यानी पहलाम के दिन प्रत्येक खलीफा शोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कर्बला चौक स्थित कर्बला में नेयाज- फातेहा के बाद मुहर्रम से संबंधित सभी कार्यक्रम का समापन कर लेंगे।

सर्वसम्मति से यह भी निर्णय लिया गया कि कोविड-19 के तहत कोरोना जैसी महामारी को रोकने हेतु झारखंड सरकार के पहल की माननीय मुख्यमंत्री झारखंड श्री हेमंत सोरेन के साथ-साथ झारखंड के मुख्य सचिव,डी जी पी झारखंड, उपायुक्त रांची, वरीय पुलिस अधीक्षक रांची, सदर वहीं अनुमंडल पदाधिकारी रांची सहित राज्य एवं जिला के वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी, मीडिया बंधू, सभी डाक्ट्र,नर्स,सफाई कर्मी,   वैसे सभी सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रमुख लोग जो जनहित में कार्य किए हैं , की सराहना एवं प्रशंसा करते हुए उन्हें मोबारकबाद दिया गया एवं उनका शुक्रिया अदा करते हुए यह कहा गया कि कोरोना जैसी महामारी को रोकने में लीलू अली अखाड़ा एवं रांची महानगर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी के समस्त परिवार उनके साथ हर कदम पर अग्रिम भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में उन तमाम लोगों की सुरक्षा हेतु दुआ की गई ।

बैठक में मुख्य रूप से कार्यकारी खलीफा मोo सज्जाद,हाजी बेलाल कुरैशी, मन्ना भाई,राजा भाई, एनामुल हक,मोo कासिम, औरंगजेब, मुन्ना, बब्लू कुरैशी, मोo शकील, मोoशफीक, मो.सेराज, मो.नदीम, तनवीर भाई, मो.आरिफ,मो.सलाम,आजाद कुरैशी, राजा,मो.शहबाज सहित अनेक क्षेत्रीय खलीफा एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।

मो. मोइजुद्दीन की रिपोर्ट

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