कोलकाता में आयोजित 25 वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद् की बैठक में शामिल हुए डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, राष्ट्रीय गाद प्रबन्धन नीति सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा

कोलकाता में आयोजित 25 वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद् की बैठक में शामिल हुए डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, राष्ट्रीय गाद प्रबन्धन नीति सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा

PATNA : केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज कोलकाता में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल एवं ओडिसा राज्यों के लिए 25 वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद् की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पश्चिम बंगाल एवं झारखंड के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त तेजस्वी प्रसाद यादव, उप मुख्यमंत्री, बिहार ने बिहार प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व किया, जिसमे विजय कुमार चौधरी, मंत्री, वित्त, वाणिज्यकर तथा योजना एवं विकास विभाग, बिहार, आमिर सुबहानी, मुख्य सचिव, बिहार एवं चैतन्य प्रसाद, अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, बिहार सम्मिलित हुए।

बैठक में पूर्वी राज्यों से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की गई। विशेष रूप से केन्द्र सरकार द्वारा तैयार किये जाने वाले राष्ट्रीय गाद प्रबंधन नीति के मुददे पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2017 में ही गंगा एवं उसकी सहायक नदियों में गाद की समस्या को हल करने के लिए भारत सरकार राष्ट्रीय गाद प्रबंधन नीति तैयार करने का अनुरोध किया। गाद का व्यवसायिक उपयोग किये जाने की परिकल्पना पर राज्य सरकार द्वारा कतिपय ठोस कदम उठाये गये। गाद प्रबंधन नीति प्रारूप पर राज्य सरकार द्वारा अपना मंतव्य भारत सरकार को भेजा जा चुका है। इस परिप्रेक्ष्य में बिहार सरकार द्वारा राष्ट्र गाद प्रबंधन नीति को शीघ्र अंतिम रूप देने का अनुरोध किया गया।

बिहार सरकार द्वारा प्रायोजित उपरी महानंदा सिंचाई योजना के तहत किशनगंज जिला के 67000 एकड़ भूमि की सिंचाई हेतु पश्चिम बंगाल क्षेत्रान्तर्गत 08 किं०मी० लंबी लिंक माईनर नहर के निर्माण का वहन किये जाने पर प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। इस क्रम में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा विगत तीस वर्षों के फुलबारी बांध में जल की उपलब्धता संबंधी आंकड़ों के अध्ययन के आधार के क्रम में पाया गया है कि बांध में जल की कमी नहीं है। 

इस क्रम में बिहार ने पश्चिम बंगाल राज्य से फुलबारी बांध में आवश्यकता से अधिक जल को साझा करने एवं पश्चिम बंगाल क्षेत्रान्तर्गत पाईप लाईन का निर्माण किये जाने के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त करने का अनुरोध किया है, ताकि इससे पश्चिम बंगाल में भूमि उपयोग की समस्या को कम किया जा सके। राज्य सरकार भूमिगत पाईप लाईन के निर्माण का सारा खर्च वहन करेगी। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि दोनों राज्यों की एक संयुक्त समिति गठित की जायेगी, जो इस समस्या को सौहार्द पूर्ण ढंग से हल करने का प्रयास करेगी। अन्य मुद्दों जैसे झारखंड राज्य के साथ पेंशन देनदारी एवं हाउसिंग बोर्ड के लंबित मामले, पॉक्सो अधिनियम के तहत मामलों की जाँच, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण मिशन के कार्यान्वयन पर भी चर्चा की गई।

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