बिहार के छोटे गांव से निकले कवि कुमार ऐसे बने थे डॉक्टर हंसराज हाथी

बिहार के छोटे गांव से निकले कवि कुमार ऐसे बने थे डॉक्टर हंसराज हाथी



चर्चित धारावाहिक 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के 'डॉक्टर हाथी' से प्रसिद्ध कवि कुमार आजाद का आज मुंबई में हार्ट अटैक होने से मौत हो गई. न्होंने वोकहार्ट अस्पताल में अपनी अंतिम सांसे ली. यह बहुत कम लोग जानते हैं कि डॉक्टर हाथी बिहार के सासाराम के गौरक्षणी के रहने वाले थे. छोटे से गांव से निकलकर  कवी कुमार आजाद ने मुंबई में अपनी पहचान बनाई हुए साथ में लोगों के जेहन में बस गए. 
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बताया जाता है कि अवि को बचपन से ही एक्टिंग करने का शौक था, जब वह बड़े हुए तो उनका शरीर बढ़व तरीके से बढ़ने लगा फिर भी उन्होंने एक्टिंग करने का जूनून नहीं छोड़ा और मुम्बई जा पहुंचे. उन्होंने दिल्ली में अभिनय की ट्रेनिंग भी ली थी. उसके बाद मुंबई पहुंचे डॉक्टर हाथी मुंबई के फुटपाथ पर पानी पुरी से लेकर बड़ा पाव तक बेचा था. पर समय के साथ उन्हें ब्रेक मिला और तारक मेहता के उल्टा चश्मा से पहचान मिली. 2000 में उन्हें फिल्म मेला में सुपरस्टार आमिर खान के साथ काम करने का मौका भी मिला था. उन्होंने अन्य कुछ फिल्मों में भी काम किया है. 2008 में टीवी सीरियर तारक मेहता का उल्टा चश्मा में उन्हें ब्रेक मिला और वह मशहूर हो गए. 
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कॉमेडी सीरियल 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में डॉ.हंसराज हाथी गोकुलधाम सोसाइटी के ऐसे सदस्य थे,जिनसे हर कोई प्यार करता था. दर्शकों समेत पूरी सोसाइटी के चहेते थे. डॉ.हाथी के किरदार में वे हमेशा खाना खाने के दीवाने रहते थे.शो में वे डॉक्टर थे,लेकिन ओवरवेट थे. जिस समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा वे घर पर थे. बताया जा रहा है कि कवि कुमार आजाद ने आज सुबह प्रोड्यूसर को फोन कर बताया कि उनकी तबियत ठीक नहीं है इसलिए वे आज शो पर नहीं आ पाएंगे. लेकिन थोड़ी देर बाद यह खबर आई थी डॉक्टर हाथी अब नहीं रहे.  

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